West Bengal Train Accident : पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में रेलवे लेवल क्रॉसिंग पर दर्दनाक हादसा, प्रारंभिक जांच में लापरवाही के आरोप; रेलवे ने 9 सदस्यीय जांच समिति गठित कर गेटमैन और PWI को किया सस्पेंड।
West Bengal Train Accident: मुर्शिदाबाद में पैसेंजर ट्रेन और स्कूल वैन की टक्कर में दो छात्रों समेत तीन की मौत और पांच घायल। रेलवे ने 9 सदस्यीय जांच समिति बनाई, गेटमैन और PWI को निलंबित किया। पूरी खबर पढ़ें।
मुर्शिदाबाद: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में शुक्रवार सुबह एक बेहद दर्दनाक रेल हादसा सामने आया, जिसमें एक निजी स्कूल की वैन पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आ गई। इस भीषण दुर्घटना में दो मासूम छात्रों समेत तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
लेवल क्रॉसिंग पर हुआ दर्दनाक हादसा
यह हादसा पूर्व रेलवे के सियालदह मंडल के अंतर्गत मुर्शिदाबाद जिले के बहरमपुर थाना क्षेत्र में कर्णसुबर्ण और गोबिंदपुर रेलवे स्टेशन के बीच स्थित रेलवे लेवल क्रॉसिंग पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक निजी स्कूल की वैन सुबह छात्रों को लेकर स्कूल जा रही थी। जैसे ही वाहन रेलवे फाटक पार करने लगा, उसी समय सामने से आ रही निमतिता-काटोया पैसेंजर ट्रेन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूल वैन के परखच्चे उड़ गए और वाहन कई मीटर दूर तक घिसटता चला गया। हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए।
दो छात्रों समेत तीन लोगों की मौत
इस दुर्घटना में दो छात्रों और एक साइकिल सवार की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं वैन में सवार पांच अन्य छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि वाहन में चालक समेत कुल आठ लोग मौजूद थे।
घायलों को सबसे पहले कर्णसुबर्ण ब्लॉक अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल में चिकित्सकों की टीम लगातार घायलों का इलाज कर रही है।
रेलवे फाटक खुला रहने पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पहले अप लाइन से एक ट्रेन गुजरने तक रेलवे फाटक बंद था। ट्रेन निकलने के बाद फाटक खोल दिया गया, जबकि दूसरी लाइन से निमतिता-काटोया पैसेंजर ट्रेन आने वाली थी।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि रेलवे फाटक समय पर बंद रखा जाता तो यह दर्दनाक हादसा टल सकता था। घटना के बाद रेलवे गेटमैन की कार्यशैली और रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
रेलवे ने गेटमैन और PWI को किया निलंबित
हादसे की गंभीरता को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित रेलवे गेटमैन और Permanent Way Inspector (PWI) को निलंबित कर दिया है। रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रारंभिक स्तर पर लापरवाही की आशंका को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है।
रेलवे ने यह भी कहा है कि यदि जांच में किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की जिम्मेदारी सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
9 सदस्यीय जांच समिति का गठन
रेलवे प्रशासन ने हादसे की विस्तृत जांच के लिए 9 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। यह समिति दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच करेगी, जिसमें रेलवे फाटक संचालन, सिग्नल प्रणाली, ट्रेन संचालन, कर्मचारियों की जिम्मेदारी तथा सुरक्षा मानकों का पालन शामिल होगा।
समिति तकनीकी और प्रशासनिक दोनों पहलुओं की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
पुलिस ने भी शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि हादसे की हर पहलू से जांच की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

स्थानीय लोगों ने किया राहत एवं बचाव कार्य
हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद ग्रामीण और स्थानीय लोग सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने क्षतिग्रस्त स्कूल वैन में फंसे बच्चों और अन्य लोगों को बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे समय रहते उनका इलाज शुरू हो सका।
लोगों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि इस लेवल क्रॉसिंग की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाएं दोबारा न हों।
इलाके में शोक और दहशत का माहौल
इस हृदयविदारक हादसे के बाद पूरे मुर्शिदाबाद जिले में शोक की लहर है। मृतक छात्रों के परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्कूल में भी मातम का माहौल है और अभिभावकों में रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और रेलवे लेवल क्रॉसिंग पर आधुनिक सुरक्षा प्रणाली लागू करने की मांग की है।
रेलवे सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
मुर्शिदाबाद की यह दुर्घटना एक बार फिर रेलवे लेवल क्रॉसिंग पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि जहां तक संभव हो, मानव संचालित रेलवे फाटकों को स्वचालित सुरक्षा प्रणाली से जोड़ा जाना चाहिए। साथ ही, दोहरी रेल लाइन वाले मार्गों पर अतिरिक्त सतर्कता और तकनीकी निगरानी की आवश्यकता है ताकि ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।
रेलवे की 9 सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे के पीछे तकनीकी खराबी, मानवीय भूल या सुरक्षा मानकों की अनदेखी कितनी जिम्मेदार थी। फिलहाल पूरा क्षेत्र मृतकों को श्रद्धांजलि देने और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा है।
















