Special Intensive Review Campaign : SIR फॉर्म के नाम पर अवैध वसूली: धनबाद के वासेपुर में आधार सेंटर सील, प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

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Special Intensive Review Campaign : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान अनधिकृत तरीके से पैसे लेकर एन्यूमरेशन फॉर्म भरने का आरोप, एसडीएम ने लोगों से बीएलओ और अधिकृत वॉलंटियर की मदद लेने की अपील की।

Special Intensive Review Campaign : धनबाद के वासेपुर में SIR फॉर्म भरने के नाम पर अवैध वसूली करने वाले आधार सेंटर को प्रशासन ने सील कर दिया। एसडीएम लोकेश बारंगे ने लोगों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत माध्यम से ही एन्यूमरेशन फॉर्म भरें और किसी बिचौलिए को पैसे न दें।

झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) अभियान के बीच धनबाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वासेपुर स्थित एक आधार सेंटर को सील कर दिया है। आरोप है कि इस सेंटर पर लोगों से 50 से 100 रुपये तक की अवैध वसूली कर SIR का एन्यूमरेशन फॉर्म भरा जा रहा था। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने तत्काल छापेमारी की और जांच में आरोप सही पाए जाने पर सेंटर को सील कर दिया। फिलहाल सेंटर संचालक की तलाश जारी है।

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब पूरे राज्य में मतदाता सूची को अद्यतन करने का अभियान तेज़ी से चल रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क है और इसके नाम पर किसी भी प्रकार की फीस लेना या लोगों को गुमराह करना कानूनन अपराध है।

शिकायत के बाद एसडीएम ने की छापेमारी

धनबाद के एसडीएम लोकेश बारंगे को सूचना मिली थी कि वासेपुर क्षेत्र के एक आधार सेंटर पर लोगों से पैसे लेकर SIR एन्यूमरेशन फॉर्म भरे जा रहे हैं। शिकायत के आधार पर प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान यह पाया गया कि लोगों से निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत शुल्क लिया जा रहा था।

प्रारंभिक जांच में शिकायत सही मिलने के बाद प्रशासन ने तत्काल आधार सेंटर को सील कर दिया। वहीं, सेंटर संचालक मौके से फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश की जा रही है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि मामले में आगे कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

क्या है SIR अभियान?

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने के उद्देश्य से Special Intensive Revision (SIR) अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत मतदाताओं का सत्यापन, नए मतदाताओं का पंजीकरण, मृत अथवा स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने और आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया पूरी की जाती है।

इस अभियान के दौरान प्रत्येक पात्र नागरिक स्वयं अपना एन्यूमरेशन फॉर्म भर सकता है। यदि किसी व्यक्ति को फॉर्म भरने में कठिनाई होती है तो उसके लिए निर्वाचन आयोग द्वारा अधिकृत बीएलओ (Booth Level Officer), सुपरवाइजर और वॉलंटियर की व्यवस्था की गई है।

प्रशासन ने लोगों को किया सतर्क

एसडीएम लोकेश बारंगे ने कहा कि SIR प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निशुल्क है। किसी भी नागरिक को फॉर्म भरने के लिए किसी साइबर कैफे, आधार सेंटर या बिचौलिए को पैसे देने की आवश्यकता नहीं है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि उन्हें फॉर्म भरने में किसी प्रकार की परेशानी होती है तो वे अपने क्षेत्र के बीएलओ, सुपरवाइजर या अधिकृत स्वयंसेवकों से संपर्क करें। इससे सही जानकारी दर्ज होगी और भविष्य में किसी प्रकार की समस्या नहीं आएगी।

प्रशासन ने यह भी कहा कि निजी संस्थानों के माध्यम से फॉर्म भरवाने पर गलत जानकारी दर्ज होने की आशंका रहती है, जिससे मतदाता सूची में त्रुटियां हो सकती हैं।

गलत जानकारी देने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई

प्रशासन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति गलत जानकारी देकर मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने, हटवाने या किसी अन्य प्रकार की हेराफेरी करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

एसडीएम के अनुसार ऐसे मामलों में जनप्रतिनिधित्व अधिनियम (Representation of the People Act – RP Act) सहित अन्य संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अन्य सेंटर भी प्रशासन की निगरानी में

वासेपुर में हुई कार्रवाई के बाद धनबाद प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जिले के अन्य आधार सेंटर, साइबर कैफे और ऐसे संस्थानों पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है, जहां चुनावी प्रक्रिया के नाम पर लोगों से पैसे वसूले जाने की आशंका है।

प्रशासन लगातार शिकायतों पर नजर बनाए हुए है और किसी भी सूचना पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं SIR फॉर्म भरने के नाम पर पैसे मांगे जा रहे हों तो इसकी सूचना तत्काल जिला प्रशासन या निर्वाचन अधिकारियों को दें।

लोगों से सहयोग की अपील

निर्वाचन प्रक्रिया लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। ऐसे में प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों और बिचौलियों से बचें तथा केवल अधिकृत माध्यम से ही अपने दस्तावेज और एन्यूमरेशन फॉर्म जमा करें।

प्रशासन का मानना है कि यदि नागरिक जागरूक रहेंगे तो मतदाता सूची का पुनरीक्षण अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित होगा। इससे चुनावी प्रक्रिया पर जनता का विश्वास भी मजबूत होगा और किसी प्रकार की अवैध वसूली या धोखाधड़ी पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।

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