Jamshedpur News : गोवा में कार्यरत गालूडीह निवासी काशीनाथ महतो का हृदयाघात से निधन, सामाजिक सहयोग से पार्थिव शरीर रांची लाया जा रहा है, आर्थिक संकट से जूझ रहे परिवार के लिए सहायता की अपील।
Jamshedpur News : पूर्वी सिंहभूम के गालूडीह निवासी काशीनाथ महतो का गोवा में हृदयाघात से निधन हो गया। उनका पार्थिव शरीर सोमवार सुबह रांची पहुंचेगा। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शव लाने की व्यवस्था की है और परिवार के लिए आर्थिक सहायता की मांग उठाई गई है।
पूर्वी सिंहभूम जिले के गालूडीह थाना क्षेत्र के चुड़िंदा पंचायत अंतर्गत जोड़ीसा गांव के निवासी काशीनाथ महतो का गोवा में हृदयाघात से निधन हो गया। इस दुखद घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य के असामयिक निधन से पत्नी और छोटे बेटे के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। सोमवार सुबह उनका पार्थिव शरीर रांची एयरपोर्ट पहुंचेगा, जहां से एंबुलेंस के माध्यम से उनके पैतृक गांव लाया जाएगा।
गोवा में सुपरवाइजर के पद पर थे कार्यरत
जानकारी के अनुसार, 51 वर्षीय काशीनाथ महतो गोवा स्थित द इंडियन मैरीटाइम्स इंस्टीट्यूट में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत थे। वे कई वर्षों से अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी निभाने के लिए गोवा में नौकरी कर रहे थे।
बताया गया कि 3 जुलाई को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। सहकर्मियों ने तत्काल उन्हें गोवा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार उनकी मृत्यु हृदयाघात (हार्ट अटैक) के कारण हुई।
इस खबर के गांव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों में शोक की लहर फैल गई।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
काशीनाथ महतो अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में पत्नी और लगभग 12 वर्षीय पुत्र हैं। परिवार पहले से ही आर्थिक रूप से कमजोर बताया जा रहा है। ऐसे में कमाने वाले सदस्य के निधन के बाद परिवार के सामने रोजी-रोटी और बच्चे की पढ़ाई जैसी कई गंभीर चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि काशीनाथ मेहनती और सरल स्वभाव के व्यक्ति थे। वे परिवार के बेहतर भविष्य के लिए घर से दूर रहकर नौकरी कर रहे थे। उनके निधन से पूरे गांव में गहरा दुख है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने संभाली जिम्मेदारी
घटना की सूचना मिलने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता अमित महतो और उनकी टीम ने मृतक के पार्थिव शरीर को झारखंड लाने की पहल की। उन्होंने श्रम विभाग और जिला प्रशासन से संपर्क कर आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी कराई।
सामाजिक टीम ने न केवल शव को गोवा से रांची भेजने की व्यवस्था की, बल्कि मृतक की पत्नी और बच्चे की यात्रा से जुड़ी आवश्यक तैयारियां भी सुनिश्चित कीं। बताया गया कि कार्गो सेवा के माध्यम से पार्थिव शरीर को सुरक्षित रांची भेजा गया है।
स्थानीय लोगों ने इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में सामाजिक सहयोग किसी परिवार के लिए सबसे बड़ी ताकत बनता है।
इंडिगो की फ्लाइट से रांची भेजा गया पार्थिव शरीर
सामाजिक कार्यकर्ता अमित महतो ने बताया कि काशीनाथ महतो का पार्थिव शरीर इंडिगो की फ्लाइट 6E-5008 से रांची के लिए रवाना किया गया है। सोमवार सुबह लगभग आठ बजे विमान के रांची एयरपोर्ट पहुंचने की संभावना है।
रांची एयरपोर्ट से एंबुलेंस के जरिए पार्थिव शरीर को पूर्वी सिंहभूम जिले के जोड़ीसा गांव ले जाया जाएगा, जहां परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया जाएगा।
ग्रामीणों ने बताया कि पूरे गांव में लोग पार्थिव शरीर के पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं ताकि अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि दी जा सके।
प्रशासनिक सहायता की प्रक्रिया अंतिम चरण में
अमित महतो ने जानकारी दी कि शव को गोवा से झारखंड लाने में हुए खर्च की प्रशासनिक सहायता की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। उम्मीद है कि एक-दो दिनों के भीतर संबंधित राशि स्वीकृत कर दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि फिलहाल शव लाने, यात्रा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का खर्च सामाजिक सहयोग और व्यक्तिगत प्रयासों के माध्यम से पूरा किया गया है। यदि सरकारी सहायता समय पर मिल जाती है तो इससे आर्थिक बोझ कुछ कम हो सकेगा।
जनप्रतिनिधियों से आर्थिक सहायता की मांग
सामाजिक कार्यकर्ता अमित महतो ने स्थानीय विधायक और सांसद से मृतक के परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि परिवार की स्थिति अत्यंत कमजोर है और सरकार तथा जनप्रतिनिधियों को मानवीय आधार पर आगे आकर सहयोग करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि परिवार को आर्थिक सहायता, सरकारी योजनाओं का लाभ और बच्चे की शिक्षा के लिए विशेष मदद उपलब्ध कराई जाती है, तो यह मृतक के परिवार के लिए बड़ी राहत होगी।
गांव में पसरा मातम
काशीनाथ महतो के निधन की खबर के बाद जोड़ीसा गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में शोक का माहौल है। गांव के लोग लगातार परिवार के घर पहुंचकर संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि काशीनाथ महतो मिलनसार और मेहनती व्यक्ति थे। वे हमेशा परिवार और समाज के प्रति जिम्मेदार रहे। उनके अचानक चले जाने से पूरे क्षेत्र ने एक जिम्मेदार और कर्मठ व्यक्ति को खो दिया है।
सोमवार को पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों के शामिल होने की संभावना है।

सामाजिक सहयोग बना परिवार का सहारा
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि किसी भी विपरीत परिस्थिति में सामाजिक एकजुटता कितनी महत्वपूर्ण होती है। यदि स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता समय पर पहल नहीं करते, तो दूरदराज राज्य से पार्थिव शरीर लाना परिवार के लिए बेहद कठिन हो सकता था।
अब पूरे क्षेत्र की निगाहें इस बात पर हैं कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवार की कितनी शीघ्र सहायता करते हैं, ताकि पत्नी और मासूम बेटे को भविष्य में आर्थिक परेशानियों का सामना कम करना पड़े।














