Jamshedpur DD Bar Murder Case : बिष्टुपुर स्थित डीडी बार के बाहर हिमांशु सिंह की हत्या और प्रत्यूष सिंह पर जानलेवा हमले के मामले में पुलिस जांच में सामने आए नए खुलासे, मुख्य आरोपी के अवैध शराब कारोबार की भी हो रही जांच।
Jamshedpur DD Bar Murder Case: जमशेदपुर के डीडी बार हत्याकांड में पुलिस जांच के दौरान कई अहम खुलासे हुए हैं। डांस फ्लोर पर रुपये लुटाने के विवाद से शुरू हुई कहासुनी खूनी संघर्ष में बदल गई। मुख्य आरोपी के अवैध शराब नेटवर्क की भी जांच तेज हो गई है।
जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित डीडी बार के बाहर हुई हिमांशु सिंह की हत्या और प्रत्यूष सिंह पर जानलेवा हमले के बहुचर्चित मामले में पुलिस जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई नए और चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि घटना की शुरुआत बार के अंदर हुए मामूली विवाद से हुई थी, लेकिन बाद में यह विवाद सुनियोजित हिंसक हमले में बदल गया।
पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, डांस फ्लोर पर रुपये उड़ाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच शुरू हुई कहासुनी कुछ ही मिनटों में मारपीट तक पहुंच गई। हालांकि उस समय बार के बाउंसरों ने हस्तक्षेप कर विवाद शांत करा दिया था, लेकिन आरोप है कि इसके बाद मुख्य आरोपी ने अपने साथियों को बुलाकर बार के बाहर घातक हमला करवाया।
डांस फ्लोर पर रुपये उड़ाने को लेकर हुआ था विवाद
जांच में सामने आया है कि घटना वाली रात गम्हरिया थाना क्षेत्र के धातकीडीह डूडरा निवासी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा अपने सहयोगी सोनू राम सरदार के साथ डीडी बार पहुंचा था। उसी समय आदित्यपुर के हरिओम नगर निवासी हिमांशु सिंह, प्रत्यूष सिंह और उनके अन्य साथी भी बार में मौजूद थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों पक्ष डांस फ्लोर पर रुपये उड़ा रहे थे। इसी दौरान अधिक रुपये लुटाने और प्रदर्शन को लेकर दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई। कुछ ही देर में यह विवाद हाथापाई में बदल गया, जिसमें सोनू राम सरदार के सिर में चोट लगने की बात सामने आई है।
स्थिति बिगड़ती देख बार के बाउंसरों ने बीच-बचाव किया और दोनों पक्षों को अलग कर मामला शांत करा दिया। उस समय ऐसा लगा कि विवाद समाप्त हो गया है, लेकिन घटनाक्रम ने कुछ ही देर बाद भयावह रूप ले लिया।
बार के बाहर बुलाए गए हथियारबंद साथी
पुलिस जांच में यह आरोप सामने आया है कि विवाद शांत होने के बाद विश्वनाथ मंडल ने मोबाइल फोन के जरिए अपने साथियों को बुलाया। कुछ ही देर में कई लोग धारदार हथियार लेकर डीडी बार के बाहर पहुंच गए।
इसी दौरान हिमांशु सिंह और प्रत्यूष सिंह अपने साथियों के साथ बार से बाहर निकले। बाहर निकलते ही उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया गया। हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान हिमांशु सिंह की मौत हो गई। वहीं प्रत्यूष सिंह का इलाज अब भी जारी है। इस घटना ने पूरे जमशेदपुर में सनसनी फैला दी है।
मुख्य आरोपी के अवैध शराब कारोबार की भी जांच
हत्या मामले की जांच के दौरान पुलिस के सामने एक और महत्वपूर्ण पहलू सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा का नाम लंबे समय से अवैध शराब कारोबार से जुड़ता रहा है।
बताया जा रहा है कि गम्हरिया, आदित्यपुर और आसपास के क्षेत्रों में उसका बड़ा नेटवर्क संचालित होता था। बागबेड़ा, सुंदरनगर, जुगसलाई, राजनगर समेत कई इलाकों में उसके माध्यम से अवैध शराब की आपूर्ति किए जाने की चर्चा है।
हालांकि पुलिस ने अभी तक इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन जांच के दौरान इस नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है।
गांगेडीह स्थित शराब अड्डे पर पुलिस की कार्रवाई
हत्या मामले में नाम सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश बढ़ा दी है। गम्हरिया के गांगेडीह स्थित उसके कथित शराब अड्डे पर छापेमारी कर उसे ध्वस्त कर दिया गया।
इसके अलावा पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। मुख्य आरोपी पर दबाव बनाने के लिए उसके परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस का मानना है कि लगातार कार्रवाई से फरार आरोपी जल्द गिरफ्त में आ सकते हैं।
सोनू राम सरदार की भूमिका भी जांच के दायरे में
जांच के दौरान पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि गम्हरिया निवासी सोनू राम सरदार, जो काले ईंट के कारोबार से जुड़ा बताया जाता है, विश्वनाथ मंडल का करीबी सहयोगी है।
सूत्रों के अनुसार, घटना से कुछ दिन पहले उसने एक डंपर बेचा था, जिसके बदले उसे करीब दो लाख रुपये अग्रिम मिले थे। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि घटना की रात दोनों किस उद्देश्य से डीडी बार पहुंचे थे और क्या हमला पहले से योजनाबद्ध था या विवाद के बाद इसकी साजिश रची गई।
सीसीटीवी और डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी
पुलिस टीम डीडी बार और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही घटनास्थल पर मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है। मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमले में कितने लोग शामिल थे, किसने किस भूमिका में हमला किया और किसने हथियार उपलब्ध कराए।
शहर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवाल
दिनदहाड़े नहीं बल्कि देर रात भीड़भाड़ वाले इलाके में इस तरह की हिंसक घटना ने शहर की कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बार और पब के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।















