Ranchi News : रांची में बनेंगे 10 नए फ्लाइओवर: पांच साल में बदलेगी राजधानी की ट्रैफिक व्यवस्था, 3000 करोड़ की मेगा योजना तैयार

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Ranchi News : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर पथ निर्माण विभाग ने तैयार किया मास्टर प्लान, बरियातू रोड, कांके रोड, कांटाटोली-नेवरी, हरमू और मेकन-बिरसा चौक समेत कई प्रमुख मार्गों पर बनेंगे फ्लाइओवर।

Ranchi News : रांची में 10 नए फ्लाइओवर निर्माण की 3000 करोड़ रुपये की योजना तैयार। बरियातू रोड, कांके रोड, कांटाटोली-नेवरी और मेकन-बिरसा चौक समेत प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत। जानिए पूरी योजना।

झारखंड की राजधानी रांची आने वाले पांच वर्षों में आधुनिक सड़क नेटवर्क और बेहतर यातायात व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाने जा रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर पथ निर्माण विभाग ने राजधानी में 10 नए फ्लाइओवर के निर्माण की विस्तृत योजना तैयार की है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करना, शहर की कनेक्टिविटी मजबूत करना और लोगों की यात्रा को तेज एवं सुरक्षित बनाना है।

इन प्रस्तावित फ्लाइओवरों की अनुमानित निर्माण लागत लगभग 3000 करोड़ रुपये आंकी गई है। हालांकि, भू-अर्जन, बिजली-पानी जैसी यूटिलिटी शिफ्टिंग और अन्य प्रशासनिक कार्यों पर अतिरिक्त खर्च होने से परियोजना की कुल लागत और बढ़ सकती है। विभाग ने अधिकांश परियोजनाओं की डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कर ली है और तकनीकी एवं प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद निर्माण प्रक्रिया शुरू की जाएगी।


दो वर्षों में धरातल पर उतर सकती हैं योजनाएं

पथ निर्माण विभाग के अनुसार, कई परियोजनाओं को तकनीकी स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि कुछ प्रस्ताव अंतिम चरण में हैं। मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुतीकरण के बाद इन्हें राज्य योजना प्राधिकृत समिति और फिर मंत्रिपरिषद की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी।

यदि सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी होती हैं, तो अगले दो वर्षों के भीतर इन फ्लाइओवरों का निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।


रांची में कहां-कहां बनेंगे नए फ्लाइओवर?

1. बरियातू रोड फ्लाइओवर

बरियातू रोड पर 5.2 किलोमीटर लंबा फोरलेन फ्लाइओवर बनाया जाएगा। यह करमटोली स्थित लोकायुक्त भवन से शुरू होकर रिम्स होते हुए सेवेन डे हॉस्पिटल तक जाएगा। इसकी अनुमानित लागत 625 करोड़ रुपये होगी और इसे तकनीकी स्वीकृति मिल चुकी है।


2. कांके रोड फ्लाइओवर

8.5 किलोमीटर लंबा फोरलेन फ्लाइओवर एपीएन शाहदेव चौक से रिनपास होते हुए रिंग रोड तक बनाया जाएगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत 850 करोड़ रुपये है। इसकी डीपीआर तैयार हो चुकी है।


3. स्वर्णरेखा फ्लाइओवर

हिनू ओवरब्रिज से हरमू नदी के किनारे-किनारे धुर्वा स्थित जगन्नाथपुर मंदिर तक 5 किलोमीटर लंबा दो-दो लेन फ्लाइओवर प्रस्तावित है। इस परियोजना पर लगभग 470 करोड़ रुपये खर्च होंगे।


4. हरमू रिवर फ्लाइओवर

हरमू मुक्तिधाम से रेडिशन ब्लू होटल तक नदी के दोनों किनारों पर 2.2 किलोमीटर लंबा फ्लाइओवर बनाया जाएगा। इसकी लागत लगभग 250 करोड़ रुपये होगी और इसकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार हो चुकी है।


5. कांटाटोली-नेवरी फ्लाइओवर

यह राजधानी की सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है। इसके तहत कांटाटोली, कोकर चौक और बूटी मोड़ होते हुए नेवरी तक चरणबद्ध तरीके से फ्लाइओवर बनाया जाएगा। इस परियोजना का जल्द ही मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुतीकरण किया जाएगा।


6. मेकन-बिरसा चौक-डीपीएस कॉरिडोर

इस कॉरिडोर में दो चरणों में कुल पांच फ्लाइओवर बनाए जाएंगे, जिनकी अनुमानित लागत 630 करोड़ रुपये होगी।

इनमें शामिल हैं—

  • मेकन चौक से बिरसा चौक तक फोरलेन फ्लाइओवर।
  • हिनू चौक से एयरपोर्ट तक टू-लेन फ्लाइओवर।
  • डीपीएस चौक से खूंटी रोड तक टू-लेन फ्लाइओवर।
  • डीपीएस चौक से विधानसभा के आगे तक टू-लेन फ्लाइओवर।
  • पुराना विधानसभा से बिरसा चौक तक टू-लेन फ्लाइओवर।

राजधानी में फ्लाइओवरों की संख्या बढ़कर होगी 17

रांची में पहले से ही कई फ्लाइओवर संचालित हैं। राज्य सरकार सिरमटोली से मेकन चौक और कांटाटोली से बहुबाजार तक फ्लाइओवर का निर्माण करा चुकी है। इसके अलावा रातू रोड एलिवेटेड कॉरिडोर भी तैयार किया गया है।

बहुबाजार से सिरमटोली तक कनेक्टिंग फ्लाइओवर का निर्माण तेजी से जारी है, जिसे इस वर्ष के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके साथ ही करमटोली चौक से चिरौंदी, अरगोड़ा चौक और हरमू चौक से रातू रोड चौक तक प्रस्तावित फ्लाइओवरों के टेंडर भी हो चुके हैं। इनका निर्माण कार्य अक्टूबर से शुरू होने की संभावना है।

इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद राजधानी में कुल 17 फ्लाइओवर होंगे, जिससे रांची का सड़क नेटवर्क पूरी तरह बदल जाएगा।


स्वास्थ्य सेवाओं और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को मिलेगा बड़ा फायदा

बरियातू रोड पर फ्लाइओवर बनने का सबसे बड़ा लाभ रिम्स और आसपास स्थित अस्पतालों को मिलेगा। वर्तमान में एंबुलेंस को ट्रैफिक जाम के कारण मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में काफी कठिनाई होती है। फ्लाइओवर बनने से ‘गोल्डन आवर’ में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना आसान होगा।

इसी तरह हरमू रोड, हिनू, डीपीएस, जगन्नाथपुर मंदिर और बिरसा चौक के बीच यात्रा करने वाले लोगों को भी जाम से राहत मिलेगी। एयरपोर्ट जाने वाले वाहनों के लिए मेकन से बिरसा चौक तक का सफर पहले की तुलना में काफी तेज और सुगम हो जाएगा।


शहर के विकास को मिलेगी नई रफ्तार

विशेषज्ञों का मानना है कि इन फ्लाइओवरों के निर्माण से केवल ट्रैफिक व्यवस्था ही बेहतर नहीं होगी, बल्कि व्यापार, पर्यटन और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। शहर के प्रमुख व्यावसायिक और आवासीय इलाकों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी से समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।

इसके अलावा प्रदूषण में कमी, दुर्घटनाओं में कमी और सार्वजनिक परिवहन की गति में भी सुधार देखने को मिलेगा।


प्रधान सचिव ने क्या कहा?

पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार ने बताया कि राजधानी में फिलहाल तीन फ्लाइओवर तैयार हो चुके हैं, जबकि चौथे पर निर्माण कार्य जारी है। तीन और नए फ्लाइओवरों के निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू होने वाली है। इसके अलावा कई अन्य परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर केवल रांची ही नहीं बल्कि झारखंड के अन्य जिलों में भी सड़क संपर्क को मजबूत बनाने के लिए फ्लाइओवर और फोरलेन सड़कों का तेजी से विकास किया जा रहा है।


रांची में प्रस्तावित 10 नए फ्लाइओवर राजधानी के भविष्य की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखते हैं। यदि योजनाएं तय समयसीमा के अनुसार पूरी होती हैं, तो आने वाले वर्षों में ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक समाप्त हो सकती है। स्वास्थ्य सेवाओं, एयरपोर्ट कनेक्टिविटी, व्यापारिक गतिविधियों और आम नागरिकों के दैनिक आवागमन को बड़ा लाभ मिलेगा। यह परियोजना रांची को आधुनिक, सुव्यवस्थित और तेज़ गति वाले शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

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