Potka Brain Malaria : रविवार की छुट्टी के दिन भी स्वास्थ्य विभाग का विशेष अभियान जारी, 20 जांच शिविरों में स्क्रीनिंग, संक्रमितों का गांव में ही इलाज शुरू, लोगों को बचाव के उपायों के प्रति किया गया जागरूक।
Potka Brain Malaria : झारखंड के पोटका प्रखंड में ब्रेन मलेरिया नियंत्रण अभियान के तहत 20 शिविरों में 2176 लोगों की जांच की गई, जिसमें 33 लोग संक्रमित पाए गए। स्वास्थ्य विभाग ने गांवों में ही उपचार शुरू कर जागरूकता अभियान तेज कर दिया है।
झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड में ब्रेन मलेरिया (सेरेब्रल मलेरिया) के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक जांच एवं जागरूकता अभियान चलाया है। रविवार की साप्ताहिक छुट्टी के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरे दिन गांव-गांव पहुंचकर लोगों की जांच करती रही। इस विशेष अभियान के तहत प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 20 जांच शिविर लगाए गए, जहां 2176 लोगों की मलेरिया जांच की गई। जांच के दौरान 33 लोग ब्रेन मलेरिया पॉजिटिव पाए गए, जिनका तत्काल उपचार शुरू कर दिया गया।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि संक्रमित मरीजों का इलाज उनके गांव में ही स्वास्थ्यकर्मियों की निगरानी में किया जा रहा है, ताकि बीमारी को गंभीर रूप लेने से पहले नियंत्रित किया जा सके। साथ ही मरीजों को नियमित रूप से दवा खिलाई जा रही है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
रविवार को भी नहीं रुका स्वास्थ्य विभाग का अभियान
आमतौर पर रविवार को सरकारी कार्यालयों में अवकाश रहता है, लेकिन ब्रेन मलेरिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने छुट्टी के दिन भी अभियान जारी रखा। चिकित्सा टीमों ने विभिन्न पंचायतों और गांवों में शिविर लगाकर बड़ी संख्या में लोगों की स्क्रीनिंग की।
स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि समय पर जांच और इलाज से मलेरिया के गंभीर रूप यानी ब्रेन मलेरिया से होने वाली जटिलताओं और मृत्यु के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसी उद्देश्य से लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
33 संक्रमितों का गांव में ही शुरू हुआ इलाज
जांच के दौरान जिन 33 लोगों में ब्रेन मलेरिया की पुष्टि हुई, उन्हें तुरंत स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में उपचार उपलब्ध कराया गया। सभी मरीजों को निर्धारित दवाएं दी जा रही हैं और स्वास्थ्य कर्मी नियमित रूप से उनके घर पहुंचकर दवा सेवन सुनिश्चित कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि यदि मरीज दवा का पूरा कोर्स समय पर पूरा करते हैं तो संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। अधूरा इलाज बीमारी को और गंभीर बना सकता है।
लोगों को किया जा रहा जागरूक
जांच अभियान के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम लोगों को ब्रेन मलेरिया से बचाव के लिए भी लगातार जागरूक कर रही है। स्वास्थ्यकर्मियों ने ग्रामीणों को बताया कि मच्छरों के काटने से होने वाली इस बीमारी से बचाव के लिए कुछ सामान्य सावधानियां बेहद जरूरी हैं।
ग्रामीणों को निम्नलिखित उपाय अपनाने की सलाह दी गई—
- रात में हमेशा मच्छरदानी का उपयोग करें।
- घर और आसपास पानी जमा न होने दें।
- नियमित रूप से साफ-सफाई रखें।
- तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी या बेहोशी जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं।
- डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं का पूरा कोर्स अवश्य पूरा करें।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जनभागीदारी के बिना ब्रेन मलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण संभव नहीं है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को बीमारी के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है।
ब्रेन मलेरिया के लक्षणों की दी जा रही जानकारी
अभियान के दौरान ग्रामीणों को ब्रेन मलेरिया के लक्षणों और इसके दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों के अनुसार यदि समय पर इलाज नहीं कराया जाए तो ब्रेन मलेरिया मरीज के मस्तिष्क को प्रभावित कर सकता है, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
स्वास्थ्य विभाग लोगों से अपील कर रहा है कि बुखार को सामान्य वायरल संक्रमण समझकर नजरअंदाज न करें। लगातार बुखार रहने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।
संक्रमण की श्रृंखला तोड़ना विभाग की प्राथमिकता
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुकांत सीट ने कहा कि विभाग की सबसे बड़ी प्राथमिकता ब्रेन मलेरिया की संक्रमण श्रृंखला को तोड़ना है। इसी उद्देश्य से रविवार की छुट्टी के बावजूद सभी स्वास्थ्यकर्मी पूरी निष्ठा के साथ गांवों में जांच, उपचार और जागरूकता अभियान चला रहे हैं।
उन्होंने बताया कि जहां भी संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं, वहां विशेष निगरानी रखी जा रही है। स्वास्थ्य टीम लगातार प्रभावित गांवों का दौरा कर रही है ताकि नए मामलों की जल्द पहचान कर समय पर उपचार शुरू किया जा सके।
ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष निगरानी
पोटका प्रखंड के कई ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य विभाग ने विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की है। आशा कार्यकर्ता, एएनएम और स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी ले रहे हैं। जिन लोगों में बुखार या अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई दे रहे हैं, उनकी तत्काल जांच की जा रही है।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि लगातार निगरानी और समय पर जांच से संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है। इसी कारण जांच शिविरों का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने पोटका क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के बुखार या अस्वस्थता को हल्के में न लें। यदि लगातार बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द, कमजोरी, उल्टी या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें तो तुरंत सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच कराएं।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि ब्रेन मलेरिया का समय पर इलाज संभव है, लेकिन लापरवाही गंभीर परिणाम ला सकती है। इसलिए सभी लोगों को स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का पालन करते हुए दवा का पूरा कोर्स पूरा करना चाहिए और मच्छरों से बचाव के उपाय नियमित रूप से अपनाने चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग का यह विशेष अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा, ताकि पोटका क्षेत्र में ब्रेन मलेरिया के संक्रमण को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सके और लोगों को सुरक्षित रखा जा सके।















