Jharkhand News : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पर्यटन, कला-संस्कृति और खेल विभाग की समीक्षा की, बोले– 25 वर्ष का युवा झारखंड नए स्वरूप के साथ आगे बढ़ रहा

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Jharkhand News : प्रोजेक्ट भवन में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, पर्यटन स्थलों के विकास, स्थानीय कलाकारों के प्रोत्साहन, खेल अधोसंरचना मजबूत करने और युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के दिए निर्देश।

Jharkhand News : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग की समीक्षा बैठक में झारखंड के पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत, खेल प्रतिभाओं और युवाओं के विकास को नई दिशा देने के लिए अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को प्रोजेक्ट भवन में पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान विभाग की विभिन्न योजनाओं, परियोजनाओं और विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को राज्य के पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत, खेल अधोसंरचना और युवाओं के विकास से जुड़े सभी क्षेत्रों को अधिक सशक्त, आधुनिक और जीवंत बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि झारखंड अब अपने गठन के 25वें वर्ष में एक नई सोच और नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है तथा राज्य की सांस्कृतिक और प्राकृतिक संपदा को देश-दुनिया के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का समय आ गया है।

मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान कहा कि झारखंड प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहर, धार्मिक स्थलों, जनजातीय संस्कृति और लोक परंपराओं से समृद्ध राज्य है। इन सभी विशेषताओं को पर्यटन के माध्यम से नई पहचान दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों का योजनाबद्ध विकास किया जाए ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि पर्यटन केवल घूमने-फिरने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्थानीय रोजगार, आर्थिक विकास और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है।

बैठक में पर्यटन स्थलों पर मूलभूत सुविधाओं के विस्तार, सड़क संपर्क, स्वच्छता, सुरक्षा, सूचना केंद्र, डिजिटल सुविधाओं और पर्यटकों के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन स्थलों का विकास स्थानीय समुदायों को साथ लेकर किया जाए, ताकि विकास का लाभ सीधे ग्रामीणों और स्थानीय लोगों तक पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि पर्यटन परियोजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखा जाए।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य की समृद्ध कला एवं संस्कृति को झारखंड की सबसे बड़ी पहचान बताते हुए कहा कि यहां की लोक संस्कृति, पारंपरिक नृत्य, लोकगीत, हस्तशिल्प और जनजातीय विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि स्थानीय कलाकारों को बेहतर मंच, प्रशिक्षण, आर्थिक सहयोग और प्रदर्शन के अवसर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि उनकी प्रतिभा को उचित सम्मान मिल सके। साथ ही उन्होंने सांस्कृतिक आयोजनों को और अधिक प्रभावी एवं व्यापक बनाने के निर्देश भी दिए।

बैठक में राज्य के विभिन्न सांस्कृतिक संस्थानों, संग्रहालयों, कला केंद्रों तथा सांस्कृतिक गतिविधियों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाए। डिजिटल माध्यमों, सांस्कृतिक महोत्सवों और शैक्षणिक कार्यक्रमों के जरिए झारखंड की संस्कृति को व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जाए।

खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए खेल अधोसंरचना को और मजबूत बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि झारखंड के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को खेल परिसरों, स्टेडियमों और प्रशिक्षण केंद्रों के विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि युवाओं के लिए खेल केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन, अनुशासन और व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए गांव से लेकर शहर तक खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। उन्होंने युवाओं के कौशल विकास, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक ऊर्जा को समाज निर्माण में उपयोग करने पर भी जोर दिया।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में बेहतर समन्वय, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जाए और समयबद्ध तरीके से उन्हें धरातल पर उतारा जाए। जिन योजनाओं में किसी प्रकार की बाधा आ रही है, उनका शीघ्र समाधान निकालकर विकास कार्यों में तेजी लाई जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड आज अपने गठन के 25वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है और यह राज्य के लिए नए संकल्पों का समय है। उन्होंने कहा कि युवा झारखंड अब नई सोच, नई तकनीक और नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है। सरकार की कोशिश है कि राज्य के पर्यटन, संस्कृति, खेल और युवा विकास के क्षेत्रों में ऐसी नीतियां बनाई जाएं, जो आने वाले वर्षों में झारखंड को राष्ट्रीय स्तर पर एक अलग पहचान दिलाएं।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विभागीय योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए। स्थानीय कलाकारों, खिलाड़ियों, युवाओं और पर्यटन से जुड़े लोगों को सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ मिले, इसके लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सरकार की दूरदर्शी नीतियों, विभागीय समन्वय और अधिकारियों की सक्रिय भूमिका से झारखंड पर्यटन, कला-संस्कृति और खेल के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान स्थापित करेगा।

बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों से विकास कार्यों में नवाचार अपनाने, आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ाने और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि झारखंड की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत और युवा शक्ति राज्य की सबसे बड़ी पूंजी है। यदि इन तीनों क्षेत्रों को योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाए तो आने वाले वर्षों में झारखंड आर्थिक, सांस्कृतिक और खेल विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।

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