Jamshedpur News : जादूगोड़ा रंकिणी मंदिर एलिवेटेड कॉरिडोर और दमाकी पुल की सड़क जर्जर, गड्ढों में बढ़ रहा हादसों का खतरा

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Jamshedpur News : रंकिणी मंदिर के पास पुल पर टूटी सड़क, धूल और गड्ढों से श्रद्धालु व वाहन चालक परेशान; पोटका के दमाकी पुल की बदहाल सड़क पर भी आए दिन हो रहे हादसे, स्थानीय लोगों ने जल्द मरम्मत की मांग की

Jamshedpur News : जमशेदपुर के जादूगोड़ा स्थित रंकिणी मंदिर एलिवेटेड कॉरिडोर और पोटका के दमाकी पुल की सड़क जर्जर होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। गड्ढों और टूटी सड़क के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। स्थानीय लोगों ने जल्द सड़क मरम्मत की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।

Jamshedpur News : पूर्वी सिंहभूम जिले के जादूगोड़ा स्थित प्रसिद्ध रंकिणी मंदिर के पास बने एलिवेटेड कॉरिडोर की सड़क जर्जर होने से स्थानीय लोगों, वाहन चालकों और मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ गई है। कई महीनों से पुल की सड़क पर गड्ढे, टूट-फूट और धूल की समस्या बनी हुई है। वहीं, पोटका क्षेत्र के दमाकी पुल की सड़क भी वर्षों से खराब होने के कारण स्थानीय लोगों के लिए गंभीर समस्या बनी हुई है। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों की वजह से आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होने की बात सामने आ रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जादूगोड़ा के रंकिणी मंदिर के समीप बना एलिवेटेड कॉरिडोर महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है। इस रास्ते से प्रतिदिन बड़ी संख्या में दोपहिया और चारपहिया वाहन गुजरते हैं। इसके अलावा रंकिणी मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही भी लगातार बनी रहती है। ऐसे में पुल की जर्जर सड़क लोगों के लिए परेशानी और दुर्घटना दोनों का कारण बन रही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, रंकिणी मंदिर के पास बने एलिवेटेड कॉरिडोर की सड़क पिछले कई महीनों से खराब है। सड़क के कई हिस्सों में गड्ढे बन गए हैं, जबकि कुछ स्थानों पर सड़क की सतह टूट चुकी है। टूटी सड़क पर वाहनों के आवागमन से धूल उड़ती रहती है, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह रास्ता खतरनाक साबित हो रहा है। गड्ढों से बचने के प्रयास में वाहन चालक अचानक दिशा बदलते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। बारिश के दौरान स्थिति और भी खराब हो जाती है, क्योंकि गड्ढों में पानी भर जाने के बाद उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है।

मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भी खराब सड़क की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए टूटी सड़क से गुजरना मुश्किल होता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान के समीप सड़क की ऐसी स्थिति प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े करती है।

एलिवेटेड कॉरिडोर की टूटी सड़क पर लगातार वाहनों की आवाजाही के कारण धूल की समस्या भी बढ़ गई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि दिनभर उड़ने वाली धूल से आसपास के लोगों को परेशानी होती है। सड़क किनारे रहने वाले परिवारों और दुकानदारों को भी इसका असर झेलना पड़ रहा है।

वाहन चालकों का कहना है कि सड़क की स्थिति के कारण यात्रा के दौरान लगातार सावधानी बरतनी पड़ती है। रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने पर गड्ढे और भी खतरनाक साबित हो सकते हैं। सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्सों से बचने के दौरान वाहनों के टकराने की भी आशंका बनी रहती है।

इधर, पोटका क्षेत्र के दमाकी पुल की सड़क की स्थिति भी बेहद खराब बताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल की सड़क पिछले कई वर्षों से जर्जर है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं, जिनसे होकर गुजरना किसी चुनौती से कम नहीं है।

दमाकी पुल से गुजरने वाले लोगों का कहना है कि खराब सड़क के कारण रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हो रही है। दोपहिया वाहन चालक विशेष रूप से परेशान हैं, जबकि बड़े वाहनों को भी सड़क की जर्जर स्थिति के कारण धीमी गति से गुजरना पड़ता है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण आए दिन लोग दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि बीते समय में कई गंभीर हादसे हो चुके हैं और कुछ लोगों की जान जाने की भी बात कही जा रही है। इसके बावजूद सड़क की स्थायी मरम्मत को लेकर अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।

ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का कहना है कि दमाकी पुल की सड़क की समस्या को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से कई बार शिकायत की जा चुकी है। लोगों ने खराब सड़क की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का दावा किया है, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से उनमें नाराजगी है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर बार सड़क मरम्मत की उम्मीद की जाती है, लेकिन लंबे समय से समस्या जस की तस बनी हुई है। लोगों के अनुसार, अब स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि सड़क पर सुरक्षित रूप से यात्रा करना मुश्किल होता जा रहा है।

लोगों ने सवाल उठाया है कि जब सड़क पर गड्ढे लगातार बढ़ रहे हैं और दुर्घटनाएं हो रही हैं, तो समय रहते मरम्मत क्यों नहीं कराई जा रही है। उनका कहना है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार किए बिना प्रशासन को तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए।

रंकिणी मंदिर एलिवेटेड कॉरिडोर और दमाकी पुल की बदहाल सड़क को लेकर स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि सड़क आम जनता की मूलभूत आवश्यकता है और लंबे समय तक इसकी अनदेखी स्वीकार नहीं की जा सकती।

स्थानीय निवासियों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि केवल अस्थायी पैचवर्क के बजाय सड़क की पूरी तरह से गुणवत्ता के साथ मरम्मत की जानी चाहिए, ताकि समस्या दोबारा न हो।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि रंकिणी मंदिर एलिवेटेड कॉरिडोर और दमाकी पुल की जर्जर सड़क की जल्द मरम्मत नहीं कराई गई तो वे बड़ा जन आंदोलन करने को मजबूर होंगे। लोगों का कहना है कि सड़क की बदहाली से आम जनता की जान जोखिम में है और इस मुद्दे को अब और नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

स्थानीय नागरिकों की मांग है कि संबंधित विभाग दोनों सड़कों की स्थिति का निरीक्षण करे और आवश्यकतानुसार तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराया जाए। खासकर उन स्थानों को प्राथमिकता देने की मांग की जा रही है जहां गड्ढों और टूट-फूट के कारण दुर्घटना की संभावना अधिक है।

रंकिणी मंदिर एलिवेटेड कॉरिडोर से प्रतिदिन गुजरने वाले वाहन चालकों और श्रद्धालुओं के साथ-साथ दमाकी पुल का उपयोग करने वाले ग्रामीणों को अब प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार है। लोगों की मांग है कि दोनों महत्वपूर्ण मार्गों की बदहाल स्थिति को देखते हुए तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं पर रोक लग सके और लोगों को सुरक्षित व सुगम यात्रा की सुविधा मिल सके।

फिलहाल जादूगोड़ा और पोटका क्षेत्र के लोग टूटी सड़कों और गड्ढों से जूझ रहे हैं। स्थानीय लोगों की एक ही मांग है—खराब सड़कों की जल्द मरम्मत की जाए और भविष्य में ऐसे महत्वपूर्ण मार्गों के रखरखाव पर नियमित निगरानी रखी जाए, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले ही समस्या का समाधान हो सके।

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