Jamshedpur News : पूर्व मंत्री सरयू राय ने माँ कामाख्या मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा से सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर की चर्चा
Jamshedpur News : झारखंड के पूर्व मंत्री और जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने गुवाहाटी स्थित माँ कामाख्या मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा से मुलाकात कर विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक विषयों पर चर्चा की।
Jamshedpur News : झारखंड के पूर्व मंत्री एवं जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक सरयू राय इन दिनों असम दौरे पर हैं। अपने दौरे के दौरान उन्होंने सबसे पहले गुवाहाटी स्थित विश्व प्रसिद्ध माँ कामाख्या मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा से उनके कार्यालय में शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
सरयू राय ने अपनी यात्रा की तस्वीरें और अनुभव अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए। उन्होंने लिखा कि गुवाहाटी में माँ कामाख्या का दर्शन और पूजन कर उन्हें आध्यात्मिक शांति और ऊर्जा की अनुभूति हुई। उन्होंने यह भी बताया कि मंदिर परिसर में स्थित भगवान भोलेनाथ के मंदिर में भी उन्होंने स्पर्श पूजन एवं दर्शन किया।
माँ कामाख्या मंदिर में की विशेष पूजा-अर्चना
नीलांचल पहाड़ी पर स्थित माँ कामाख्या मंदिर देश के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि यह मंदिर देवी शक्ति की आराधना का अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र है और देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। सरयू राय ने मंदिर में पूजा-अर्चना के दौरान प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि तथा जनकल्याण की कामना की।
अपने सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने लिखा कि माँ कामाख्या की आराधना के साथ-साथ मंदिर परिसर में स्थित भगवान भोले शंकर का स्पर्श पूजन एवं दर्शन भी किया। उन्होंने इस आध्यात्मिक अनुभव को अत्यंत सुखद और प्रेरणादायक बताया।
पूर्वोत्तर का प्रमुख शक्तिपीठ है माँ कामाख्या
माँ कामाख्या मंदिर केवल असम ही नहीं बल्कि पूरे पूर्वोत्तर भारत की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। यह मंदिर शक्ति उपासना के प्रमुख स्थलों में शामिल है। धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से इसकी विशेष पहचान है। हर वर्ष यहां आयोजित होने वाले अंबुबाची मेले में देशभर से साधु-संत, श्रद्धालु और पर्यटक बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।
राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई प्रमुख नेता भी समय-समय पर माँ कामाख्या के दर्शन के लिए आते रहते हैं। सरयू राय की यह यात्रा भी धार्मिक आस्था और सामाजिक संवाद दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा से की मुलाकात
माँ कामाख्या मंदिर में दर्शन के बाद सरयू राय ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा से उनके कार्यालय कक्ष में मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच विभिन्न समसामयिक सामाजिक, प्रशासनिक और राजनीतिक विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
जानकारी के अनुसार, झारखंड विधानसभा चुनाव के बाद दोनों नेताओं की यह पहली औपचारिक मुलाकात थी। मुलाकात के दौरान विकास, सुशासन, राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और अन्य जनहित के विषयों पर भी चर्चा हुई। हालांकि बैठक के बाद किसी विशेष राजनीतिक निर्णय या घोषणा की जानकारी सामने नहीं आई।
सोशल मीडिया पर साझा की तस्वीरें
सरयू राय ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट @roysaryu पर इस यात्रा की कई तस्वीरें साझा कीं। तस्वीरों में वे माँ कामाख्या मंदिर में पूजा-अर्चना करते हुए तथा मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा के साथ मुलाकात करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
सोशल मीडिया पर साझा किए गए उनके संदेश में उन्होंने लिखा कि गुवाहाटी में माँ कामाख्या के दर्शन और पूजा का सौभाग्य प्राप्त हुआ तथा भगवान भोलेनाथ का स्पर्श पूजन भी किया। उनकी इस पोस्ट पर बड़ी संख्या में लोगों ने शुभकामनाएं दीं और यात्रा को सफल बताया।
धार्मिक आस्था और राजनीतिक संवाद का संदेश
सरयू राय की असम यात्रा धार्मिक आस्था के साथ-साथ राजनीतिक और सामाजिक संवाद का भी प्रतीक मानी जा रही है। पहले उन्होंने शक्तिपीठ में पूजा-अर्चना कर आध्यात्मिक श्रद्धा व्यक्त की और उसके बाद मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा से मुलाकात कर विभिन्न समसामयिक विषयों पर विचार-विमर्श किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि विभिन्न राज्यों के जनप्रतिनिधियों के बीच इस प्रकार की मुलाकातें अनुभवों के आदान-प्रदान और बेहतर प्रशासनिक सहयोग को बढ़ावा देती हैं। इससे राज्यों के बीच विकास और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक संवाद स्थापित होता है।
झारखंड और असम के बीच संवाद को मिलेगा बल
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस मुलाकात से झारखंड और असम के बीच आपसी संवाद और सहयोग को भी मजबूती मिल सकती है। सरयू राय लंबे समय से सुशासन, पारदर्शिता और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं। वहीं हिमंता बिस्वा शर्मा भी प्रशासनिक सुधारों और विकास कार्यों को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहते हैं।
हालांकि इस मुलाकात को लेकर किसी विशेष राजनीतिक एजेंडे की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन इसे दो वरिष्ठ नेताओं के बीच शिष्टाचार भेंट और समसामयिक मुद्दों पर विचार-विमर्श के रूप में देखा जा रहा है।












