Rupi Soren Death : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन का निधन, झारखंड में शोक की लहर, छह दशक तक दिशोम गुरु शिबू सोरेन की रहीं जीवनसंगिनी

---Advertisement---

Rupi Soren Death : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता और दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन का 80 वर्ष की आयु में रांची के हिल व्यू अस्पताल में निधन हो गया। जानिए उनके जीवन, परिवार और झारखंड आंदोलन में उनके योगदान की पूरी कहानी।

Rupi Soren Death : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता और झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन का निधन हो गया। उन्होंने रांची के बरियातू रोड स्थित हिल व्यू अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनकी उम्र लगभग 80 वर्ष थी। उनके निधन की खबर सामने आते ही झारखंड की राजनीति, सामाजिक संगठनों और झामुमो कार्यकर्ताओं के बीच शोक की लहर दौड़ गई।

रूपी सोरेन केवल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां ही नहीं थीं, बल्कि उस परिवार की मजबूत आधारशिला थीं जिसने झारखंड आंदोलन से लेकर राज्य की राजनीति तक एक लंबा और संघर्षपूर्ण सफर तय किया। वर्षों तक उन्होंने परिवार को संभालते हुए शिबू सोरेन के सामाजिक और राजनीतिक संघर्ष में मौन लेकिन महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


1 जनवरी 1962 को हुई थी शिबू सोरेन और रूपी सोरेन की शादी

राज्यसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार 1 जनवरी 1962 को रूपी सोरेन और शिबू सोरेन विवाह सूत्र में बंधे थे। यह रिश्ता छह दशक से भी अधिक समय तक मजबूती से कायम रहा। इस लंबे वैवाहिक जीवन में रूपी सोरेन ने हमेशा परिवार की जिम्मेदारियों को प्राथमिकता दी और शिबू सोरेन के राजनीतिक एवं सामाजिक संघर्ष के दौरान पूरे परिवार को संभाले रखा।

झारखंड अलग राज्य आंदोलन के कठिन दौर में जब शिबू सोरेन लगातार जनसंघर्षों और राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त रहते थे, तब रूपी सोरेन परिवार की सबसे बड़ी ताकत बनी रहीं। उन्होंने कभी राजनीतिक मंचों पर अधिक सक्रिय भूमिका नहीं निभाई, लेकिन परिवार और आंदोलन दोनों के लिए उनका योगदान हमेशा महत्वपूर्ण माना गया।


शिबू सोरेन के निधन के बाद अब परिवार पर एक और बड़ा दुख

झारखंड ने कुछ समय पहले ही अपने सबसे बड़े जननेताओं में से एक दिशोम गुरु शिबू सोरेन को खोया था। उनका निधन 4 अगस्त 2025 को नई दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में हुआ था। उस समय उनकी उम्र लगभग 81 वर्ष थी।

पति के निधन के बाद रूपी सोरेन परिवार के लिए भावनात्मक संबल बनी हुई थीं। अब उनके निधन से सोरेन परिवार ने एक और बेहद करीबी सदस्य को खो दिया है। यह परिवार के लिए गहरा व्यक्तिगत आघात माना जा रहा है।


चार बच्चों की मां थीं रूपी सोरेन

रूपी सोरेन और शिबू सोरेन के परिवार में तीन बेटे और एक बेटी हैं।

सबसे बड़े बेटे दुर्गा सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे। वे जामा विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी रहे थे। वर्ष 2009 में उनका असामयिक निधन हो गया था, जिसने पूरे परिवार को गहरे दुख में डाल दिया था।

दूसरे बेटे हेमंत सोरेन वर्तमान में झारखंड के मुख्यमंत्री हैं और राज्य की राजनीति का प्रमुख चेहरा माने जाते हैं।

सबसे छोटे बेटे बसंत सोरेन भी सक्रिय राजनीति में हैं और दुमका विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

वहीं बेटी अंजनी सोरेन भी झारखंड मुक्ति मोर्चा से जुड़ी रही हैं और समय-समय पर राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियों में भाग लेती रही हैं।


हेमंत सोरेन के जीवन में मां की रही विशेष भूमिका

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का जन्म 10 अगस्त 1975 को रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में हुआ था। उनके व्यक्तित्व और राजनीतिक जीवन के निर्माण में उनके माता-पिता दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

रूपी सोरेन हमेशा अपने बेटे के लिए प्रेरणा और भावनात्मक शक्ति का स्रोत रहीं। राजनीतिक व्यस्तताओं के बीच भी हेमंत सोरेन कई अवसरों पर अपने परिवार और माता-पिता के प्रति सम्मान व्यक्त करते रहे हैं।

मां के निधन से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए यह केवल सार्वजनिक नहीं बल्कि बेहद निजी और भावनात्मक क्षति भी है।


झारखंड आंदोलन के दौरान परिवार की मजबूत आधार बनी रहीं रूपी सोरेन

जब शिबू सोरेन झारखंड राज्य के निर्माण के आंदोलन में सक्रिय थे, तब लंबे समय तक उन्हें लगातार यात्राएं, आंदोलन और राजनीतिक संघर्ष करने पड़े। ऐसे समय में रूपी सोरेन ने पूरे परिवार की जिम्मेदारियां अपने कंधों पर उठाईं।

उन्होंने अपने बच्चों का पालन-पोषण किया और परिवार को एकजुट बनाए रखा। यही कारण है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच उन्हें परिवार की सबसे मजबूत कड़ी के रूप में देखा जाता रहा।

हालांकि उन्होंने कभी सार्वजनिक जीवन में प्रचार-प्रसार या राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं दिखाई, लेकिन उनके योगदान को परिवार और पार्टी दोनों सम्मान के साथ याद करते हैं।


सोरेन परिवार ने लगातार झेले कई व्यक्तिगत दुख

पिछले कुछ वर्षों में सोरेन परिवार ने लगातार कई निजी दुखों का सामना किया है।

सबसे पहले बड़े बेटे दुर्गा सोरेन का निधन हुआ। इसके बाद वर्ष 2025 में दिशोम गुरु शिबू सोरेन का निधन हो गया। अब रूपी सोरेन के निधन ने परिवार को एक और गहरे शोक में डाल दिया है।

लगातार हुई इन पारिवारिक क्षतियों ने न केवल सोरेन परिवार बल्कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं और समर्थकों को भी भावुक कर दिया है।


झारखंड में शोक का माहौल

रूपी सोरेन के निधन की सूचना मिलते ही राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न वर्गों के लोगों ने शोक व्यक्त किया। कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा परिवार और समाज के मूल्यों को प्राथमिकता दी।

झारखंड के राजनीतिक इतिहास में सोरेन परिवार का महत्वपूर्ण स्थान रहा है। ऐसे में रूपी सोरेन का निधन राज्य के लिए भी एक भावुक क्षण माना जा रहा है।


एक शांत लेकिन मजबूत व्यक्तित्व की विदाई

रूपी सोरेन का जीवन सार्वजनिक सुर्खियों से दूर रहा, लेकिन उन्होंने एक ऐसे परिवार को संभाला जिसने झारखंड के इतिहास को नई दिशा दी। छह दशक से अधिक समय तक उन्होंने अपने पति शिबू सोरेन के संघर्षपूर्ण जीवन में हर परिस्थिति में उनका साथ निभाया।

आज जब झारखंड उनके निधन पर शोक मना रहा है, तब लोग उन्हें एक समर्पित पत्नी, स्नेहमयी मां और मजबूत पारिवारिक आधार के रूप में याद कर रहे हैं। उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि इतिहास केवल मंच पर खड़े नेताओं से नहीं, बल्कि उनके पीछे मजबूती से खड़े परिवारों से भी बनता है।

JAMSHEDPUR MIRROR TEAM

The Jamshedpur Mirror Team is a group of passionate journalists, writers, and editors dedicated to delivering accurate, reliable, and impactful news from Jamshedpur and beyond. With a strong focus on community-driven journalism, the team covers local events, social issues, development stories, culture, business, and current affairs that shape everyday life.

Join Facebook

Join Now

Join Instagram

Join Now

और पढ़ें

Leave a Comment