Jamshedpur News : सोनारी के उडुपी रेस्टोरेंट में 11 राउंड फायरिंग से मचा था हड़कंप, चार लोग हुए थे घायल; पुलिस जमीन कारोबार और पुरानी रंजिश समेत कई एंगल से कर रही जांच
Jamshedpur News : जमशेदपुर के सोनारी थाना क्षेत्र स्थित बिंदल मॉल के उडुपी रेस्टोरेंट में हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने चार कथित साजिशकर्ताओं को छत्तीसगढ़ के रायपुर के पास से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में टीटू शर्मा, मनोज सरकार, शंकर मुंडा और दीपु ओझा शामिल हैं। पुलिस अब इनसे पूछताछ कर घटना में शामिल मुख्य हमलावरों और फायरिंग के पीछे की पूरी साजिश का पता लगाने में जुटी है।
Jamshedpur News : सोनारी थाना क्षेत्र के मरीन ड्राइव स्थित बिंदल मॉल के उडुपी रेस्टोरेंट में हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले में पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। विशेष जांच टीम यानी SIT ने कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ के रायपुर के पास से चार कथित साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान टीटू शर्मा, मनोज सरकार, शंकर मुंडा और दीपु ओझा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, इन चारों की भूमिका कथित तौर पर फायरिंग की साजिश और हमलावरों को सहयोग देने से जुड़ी हुई है।
हालांकि, पुलिस की अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार गिरफ्तार किए गए चारों लोग रेस्टोरेंट के अंदर जाकर सीधे गोली चलाने वाले शूटरों में शामिल नहीं थे। पुलिस पूछताछ के जरिए उन लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, जिन्होंने रेस्टोरेंट के अंदर फायरिंग की थी। ऐसे में इस मामले में गिरफ्तारियां आगे भी बढ़ सकती हैं।
घटना 26 सितंबर 2026 की बताई जा रही है। सोनारी थाना क्षेत्र के मरीन ड्राइव स्थित बिंदल मॉल के ग्राउंड फ्लोर पर मौजूद उडुपी रेस्टोरेंट में कुछ लोग खाना खा रहे थे। इसी दौरान बाइक से तीन हमलावर वहां पहुंचे। प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक, हमलावरों में से दो रेस्टोरेंट के अंदर दाखिल हुए और अचानक गोलियां चलानी शुरू कर दीं, जबकि तीसरा व्यक्ति बाहर बाइक के पास मौजूद रहा।
पुलिस के अनुसार, घटना के दौरान करीब 11 राउंड फायरिंग की गई। गोलियों की आवाज से पूरे मॉल में अफरा-तफरी और भगदड़ की स्थिति बन गई। रेस्टोरेंट में मौजूद लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इस गोलीबारी में डोमनिक सैमसन, रिजवान, दिलशाद और कृष्णा चौधरी घायल हुए। सभी घायलों को तत्काल इलाज के लिए टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) ले जाया गया।

घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर और उनके सहयोगी शहर से बाहर निकल गए। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही आरोपियों के संभावित भागने के रास्तों की भी पड़ताल की गई।
जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के झारखंड से बाहर निकलने की जानकारी मिली। इसके बाद SIT ने तकनीकी निगरानी और अन्य इनपुट के आधार पर छत्तीसगढ़ में कार्रवाई की। पुलिस ने रायपुर के एक टोल प्लाजा के पास चार संदिग्धों को पकड़ा।
रिपोर्टों के अनुसार, वारदात के बाद आरोपी दो गाड़ियों से भाग रहे थे। रास्ते में एक गाड़ी खराब होने के बाद वे दूसरी गाड़ी से आगे बढ़े। इसी दौरान पुलिस ने उनकी गतिविधियों पर नजर रखते हुए उन्हें टोल प्लाजा के आसपास घेर लिया और हिरासत में लिया। पुलिस ने पूछताछ के बाद उन्हें जमशेदपुर पुलिस के हवाले किया।
रायपुर में शुरुआती पूछताछ के बाद चारों आरोपियों को जमशेदपुर लाया गया है। अब जमशेदपुर पुलिस उनसे गहन पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि फायरिंग की योजना किसने बनाई, शूटरों तक हथियार कैसे पहुंचे, हमलावरों को किसने मदद दी और वारदात के बाद फरार होने की पूरी योजना कैसे तैयार की गई।
पुलिस की पूछताछ का एक अहम पहलू यह भी है कि गिरफ्तार आरोपियों का मुख्य शूटरों से किस तरह का संपर्क था। पुलिस उन लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए भी प्रयास कर रही है जिन्होंने रेस्टोरेंट के अंदर जाकर फायरिंग की थी।
फायरिंग की वजह को लेकर पुलिस कई संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है। शुरुआती जांच में जमीन कारोबार, वर्चस्व और पुरानी रंजिश से जुड़े विवाद का एंगल सामने आया है। कुछ रिपोर्टों में रेलवे ठेकेदारी से जुड़े विवाद की संभावना का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, पुलिस की जांच पूरी होने और आधिकारिक रूप से कारण स्पष्ट होने तक इसे अंतिम वजह नहीं माना जा सकता।
पुलिस अब पीड़ितों और आरोपियों के आपसी संबंध, पुराने विवाद, कारोबार से जुड़े संपर्क तथा घटना से पहले और बाद की गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। इससे यह स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है कि गोलीबारी अचानक हुई थी या इसके पीछे पहले से तैयार की गई कोई योजना थी।












