Jamshedpur News : नदी में डूबे अमित सिंह और बिट्टू का पांच दिन बाद भी पता नहीं, परिवार ने प्रशासन से लगाई मदद की गुहार
Jamshedpur News : बारीडीह जिला स्कूल घाट के पास मछली पकड़ने के दौरान पलटी नाव, एक युवक तैरकर निकला बाहर; दो युवक तेज बहाव में हुए लापता, NDRF और स्थानीय गोताखोरों की तलाश जारी
जमशेदपुर के सिदगोड़ा थाना क्षेत्र स्थित बारीडीह बस्ती के जिला स्कूल घाट के पास स्वर्णरेखा नदी में डूबे दो युवकों का पांच दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिल सका है। शुक्रवार देर रात मछली पकड़ने के दौरान नाव पलटने से अमित सिंह और अमित उर्फ बिट्टू तेज बहाव में बह गए। परिवार के लोग लगातार उनकी तलाश को लेकर परेशान हैं और प्रशासन से अभियान तेज करने की मांग कर रहे हैं।
जमशेदपुर। सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के बारीडीह बस्ती स्थित जिला स्कूल घाट के पास स्वर्णरेखा नदी में पांच दिन पहले हुए हादसे के बाद दो परिवारों की उम्मीदें अब भी नदी के किनारे टिकी हुई हैं। शुक्रवार देर रात मछली पकड़ने के दौरान नाव पलटने से दो युवक तेज बहाव में बह गए थे। हादसे के बाद से लगातार तलाश अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन अब तक दोनों युवकों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
लापता युवकों की पहचान बारीडीह के मीरा पथ निवासी अमित सिंह और जिला स्कूल के पास रहने वाले अमित कुमार उर्फ बिट्टू के रूप में हुई है। हादसे के बाद से दोनों के परिवारों में चिंता और बेचैनी का माहौल है। परिजन लगातार प्रशासन से खोजबीन का दायरा बढ़ाने और अभियान में तेजी लाने की मांग कर रहे हैं।
परिजनों और स्थानीय लोगों के अनुसार, शुक्रवार देर रात तीन युवक विक्की, अमित और बिट्टू स्वर्णरेखा नदी में मछली पकड़ने गए थे। उस समय नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ था और पानी का बहाव भी तेज था। इसी दौरान नाव का संतुलन बिगड़ गया और नाव नदी में पलट गई।
नाव पलटने के बाद तीनों युवक पानी में गिर गए। बताया जा रहा है कि विक्की किसी तरह तैरकर सुरक्षित नदी से बाहर निकलने में सफल रहा, लेकिन अमित सिंह और अमित उर्फ बिट्टू तेज धारा की चपेट में आ गए और देखते ही देखते पानी में लापता हो गए।

घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस को इसकी सूचना दी गई। इसके बाद नदी में दोनों युवकों की तलाश शुरू की गई।
घटना के बाद पुलिस प्रशासन के साथ स्थानीय गोताखोरों और NDRF की टीम ने भी नदी में तलाशी अभियान चलाया। नदी में कई स्थानों पर युवकों की तलाश की गई, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली है।
नदी में तेज बहाव और बढ़े हुए जलस्तर के कारण बचाव दल के सामने भी मुश्किलें बनी हुई हैं। हादसे को पांच दिन बीत जाने के बाद भी दोनों युवकों के नहीं मिलने से परिवारों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
परिजनों का कहना है कि वे लगातार अपने स्तर से भी नदी के आसपास तलाश कर रहे हैं और प्रशासन से अभियान को और व्यापक बनाने की मांग कर रहे हैं।
लापता अमित सिंह की पत्नी स्वीटी सिंह अपने छोटे बच्चे को गोद में लेकर अपने पति की वापसी की उम्मीद लगाए बैठी हैं। उनका कहना है कि अमित अच्छे तैराक थे और उन्हें समझ नहीं आ रहा कि आखिर वह नदी में कैसे डूब गए।
स्वीटी सिंह ने प्रशासन से मामले की उचित जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि परिवार के लिए यह इंतजार बेहद मुश्किल होता जा रहा है और प्रशासन को मामले में गंभीरता से कार्रवाई करते हुए अमित की तलाश तेज करनी चाहिए।
पति के लापता होने के बाद पत्नी के सामने परिवार और छोटे बच्चे की जिम्मेदारी भी खड़ी हो गई है। ऐसे में हर गुजरता दिन परिवार के लिए चिंता और दर्द को और बढ़ा रहा है।
अमित सिंह की मां सबिता सिंह भी बेटे के लापता होने के बाद बेहद परेशान हैं। परिवार का कहना है कि हादसे के बाद से उनका पूरा ध्यान सिर्फ अमित की तलाश पर है।
परिजनों की मांग है कि नदी के उन हिस्सों में भी खोज अभियान चलाया जाए जहां तेज बहाव के कारण शव या व्यक्ति के बहकर पहुंचने की संभावना हो सकती है। परिवार चाहता है कि जब तक कोई सुराग नहीं मिलता, तब तक तलाश अभियान जारी रखा जाए।
दूसरे लापता युवक अमित कुमार उर्फ बिट्टू के परिवार की स्थिति भी बेहद चिंताजनक है। परिजनों के अनुसार पांच दिन बीत जाने के बाद भी बिट्टू के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है।
परिवार के लोग लगातार नदी किनारे पहुंचकर किसी सूचना का इंतजार कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि हर गुजरते घंटे के साथ उनकी बेचैनी बढ़ती जा रही है। परिवार प्रशासन से मांग कर रहा है कि खोज अभियान में किसी तरह की कमी न रहे और नदी के आसपास के संभावित क्षेत्रों में भी तलाश की जाए।
दोनों परिवारों का कहना है कि हादसे के बाद उन्हें प्रशासन की मदद की जरूरत है। परिजनों ने मांग की है कि खोज अभियान को और प्रभावी बनाया जाए और विशेषज्ञ टीमों के साथ नदी के अलग-अलग हिस्सों में तलाशी ली जाए।

इस घटना ने एक बार फिर बरसात के दौरान नदियों में बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव के बीच सावधानी बरतने की जरूरत को सामने ला दिया है। स्वर्णरेखा नदी में जलस्तर बढ़ने के दौरान नदी में उतरना या मछली पकड़ने जैसी गतिविधियां जोखिम भरी साबित हो सकती हैं।
फिलहाल दोनों परिवार अपने-अपने स्तर पर प्रशासन और बचाव दल की ओर से किसी सकारात्मक सूचना का इंतजार कर रहे हैं। पांच दिन बीत जाने के बावजूद दोनों युवकों का पता नहीं चल पाना परिवार के लिए सबसे बड़ी चिंता बना हुआ है।
अब देखना होगा कि खोज अभियान में आगे क्या सफलता मिलती है और क्या लापता अमित सिंह तथा अमित उर्फ बिट्टू के संबंध में कोई सुराग सामने आता है।














