Jamshedpur News : कई सुरक्षा एजेंसियों पर नियमों के पालन में लापरवाही के आरोप, PF-ESI और अन्य सुविधाओं को लेकर भी उठे सवाल
Jamshedpur News : शहर में निजी सुरक्षा एजेंसियों के माध्यम से काम कर रहे सिक्योरिटी गार्ड की कार्य अवधि और उन्हें मिलने वाली वैधानिक सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए गए हैं। प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड एजेंसी के डायरेक्टर सत्येंद्र नारायण सिंह ने प्रेस वार्ता कर जमशेदपुर क्षेत्र में कुछ सुरक्षा एजेंसियों द्वारा निर्धारित नियमों और मानकों का पालन नहीं किए जाने का दावा किया है। उन्होंने संबंधित विभागों से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
Jamshedpur News : सत्येंद्र नारायण सिंह के अनुसार, क्षेत्र में कुछ गैर-लाइसेंसी सुरक्षा एजेंसियों के संचालन की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। उनका कहना है कि सुरक्षा गार्डों से निर्धारित कार्य अवधि से अधिक समय तक काम लिए जाने के साथ-साथ प्रशिक्षण और वैधानिक सुविधाओं से जुड़े मामलों को भी गंभीरता से देखने की जरूरत है।

प्रेस वार्ता में सबसे प्रमुख मुद्दा सुरक्षा गार्डों की ड्यूटी की अवधि को लेकर उठाया गया। आरोप है कि कुछ स्थानों पर 8 घंटे की निर्धारित ड्यूटी के अनुरूप वेतन भुगतान किया जाता है, लेकिन सुरक्षा गार्डों से करीब 12 घंटे तक काम कराया जाता है।
सत्येंद्र नारायण सिंह का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले कई सुरक्षा गार्ड रोजगार जाने के डर से ऐसी परिस्थितियों का खुलकर विरोध नहीं कर पाते। शिकायत के अनुसार, विरोध करने पर नौकरी से हटाए जाने की बात कहे जाने की स्थिति भी सामने आती है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में संबंधित सुरक्षा एजेंसियों का पक्ष और आधिकारिक जांच का निष्कर्ष इस मामले में महत्वपूर्ण होगा।

सुरक्षा गार्डों को मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा और अन्य वैधानिक सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। प्रेस वार्ता में दावा किया गया कि कुछ कर्मचारियों को PF, ESI, बोनस और अन्य वैधानिक सुविधाओं से वंचित किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं।
इसके अलावा उचित प्रशिक्षण के अभाव का मुद्दा भी उठाया गया। निजी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि उन्हें विभिन्न परिस्थितियों में सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियां निभानी होती हैं।
सत्येंद्र नारायण सिंह ने जिला श्रम पदाधिकारी (DLC), जिला प्रशासन और संबंधित उच्च अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि शिकायतों की उचित जांच कर यह पता लगाया जाना चाहिए कि संबंधित सुरक्षा एजेंसियां निर्धारित नियमों और श्रम कानूनों का पालन कर रही हैं या नहीं।
उन्होंने सुरक्षा गार्डों के लिए निर्धारित कार्य अवधि, वैधानिक सुविधाएं और नियमानुसार पारिश्रमिक सुनिश्चित कराने की मांग भी रखी है।
जमशेदपुर में बड़ी संख्या में निजी संस्थानों, प्रतिष्ठानों और अन्य स्थानों पर सुरक्षा गार्ड तैनात रहते हैं। ऐसे में उनकी कार्य परिस्थितियों और अधिकारों से जुड़ा यह मुद्दा श्रम विभाग और प्रशासन के लिए जांच का विषय बन सकता है। यदि शिकायतों की पुष्टि होती है तो संबंधित नियमों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल, मामले में प्रशासन या श्रम विभाग की ओर से किसी आधिकारिक जांच या कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग इन शिकायतों पर क्या कदम उठाते हैं और सुरक्षा गार्डों की कार्य परिस्थितियों को लेकर क्या स्थिति स्पष्ट होती है।











