Jamshedpur News : जमशेदपुर में ‘साझी शहादत-साझी विरासत’ सेमिनार, साझा संस्कृति और सामाजिक एकता का दिया जाएगा संदेश

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Jamshedpur News : सर्वोदय समिति की प्रेस वार्ता में कार्यक्रम की जानकारी; 13 सितंबर को माइकल जॉन ऑडिटोरियम में होगा आयोजन, सांसद तारिक अनवर, पूर्व सांसद आनंद मोहन और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश समेत कई वरिष्ठ नेता होंगे शामिल।

Jamshedpur News : जमशेदपुर में सर्वोदय समिति की ओर से ‘साझी शहादत-साझी विरासत’ विषय पर एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य भारत की साझा संस्कृति, गंगा-जमुनी तहजीब, सामाजिक समरसता, भाईचारे और स्वतंत्रता संग्राम में सभी समुदायों के योगदान को सामने लाना है। कार्यक्रम में देश और झारखंड के कई वरिष्ठ राजनीतिक एवं सामाजिक नेता शामिल होंगे।

जमशेदपुर में भारत की साझा संस्कृति, सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत करने के उद्देश्य से सर्वोदय समिति की ओर से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसी कार्यक्रम को लेकर सर्वोदय समिति, जमशेदपुर ने प्रेस वार्ता आयोजित कर इसकी विस्तृत जानकारी दी। समिति के अध्यक्ष रियाजुदिन खान और महासचिव मनोज कुमार सिंह ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत की पहचान सदियों से उसकी गंगा-जमुनी तहजीब, साझा संस्कृति और सामाजिक समरसता से रही है।

समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, भारत का इतिहास इस बात का गवाह है कि देश के निर्माण में किसी एक धर्म, समुदाय या वर्ग की भूमिका नहीं रही, बल्कि समाज के अलग-अलग वर्गों ने मिलकर देश की प्रगति और स्वतंत्रता के संघर्ष में योगदान दिया है। इसी साझा इतिहास और विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत को देखते हुए ‘साझी शहादत-साझी विरासत’ विषय पर सेमिनार आयोजित किया जा रहा है।

सर्वोदय समिति द्वारा आयोजित यह सेमिनार 13 सितंबर 2026 को अपराह्न 3:30 बजे जमशेदपुर के माइकल जॉन ऑडिटोरियम, बिष्टुपुर में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों के साथ-साथ राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।

आयोजकों के मुताबिक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर सांसद तारिक अनवर, पूर्व सांसद आनंद मोहन और झारखंड कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश समेत पार्टी और सामाजिक क्षेत्र के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान भारत की साझा विरासत, स्वतंत्रता संग्राम में विभिन्न समुदायों के योगदान और वर्तमान समय में सामाजिक एकता की आवश्यकता पर चर्चा की जाएगी।

प्रेस वार्ता के दौरान सर्वोदय समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि भारत की आजादी का इतिहास व्यापक जनभागीदारी का इतिहास है। देश की स्वतंत्रता के लिए अलग-अलग क्षेत्रों और समुदायों के लोगों ने संघर्ष किया और अनेक लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी।

समिति का कहना है कि देश के विकास में भी समाज के हर वर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। खेत-खलिहानों से लेकर औद्योगिक प्रतिष्ठानों तक देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में लोगों ने अपना योगदान दिया। यही विविधता और साझा भागीदारी भारत की सबसे बड़ी ताकत है।

आयोजकों के अनुसार, भारत की साझी विरासत केवल इतिहास का हिस्सा नहीं है, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए भी महत्वपूर्ण संदेश देती है। अलग-अलग धर्मों, भाषाओं, संस्कृतियों और समुदायों के बीच आपसी सम्मान और सहयोग की भावना भारतीय समाज की मजबूत नींव रही है।

सर्वोदय समिति के अध्यक्ष रियाजुदिन खान और महासचिव मनोज कुमार सिंह ने कहा कि मौजूदा समय में समाज के सामने कई चुनौतियां हैं। उनके अनुसार, कुछ शक्तियों द्वारा साझा इतिहास, संस्कृति और कुर्बानियों को भुलाने तथा समाज में नफरत, विद्वेष और विभाजन की भावना पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है।

समिति का मानना है कि ऐसे समय में समाज को जागरूक करना और लोगों को भारत की गौरवशाली साझा विरासत से परिचित कराना बेहद जरूरी है। सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे को मजबूत करने के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करना होगा।

‘साझी शहादत-साझी विरासत’ सेमिनार के माध्यम से आयोजक खास तौर पर नई पीढ़ी को देश के साझा इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन की व्यापक विरासत से जोड़ना चाहते हैं। समिति के मुताबिक भारत की ताकत उसकी विविधता में एकता और विभिन्न समुदायों के बीच सदियों से बने सामाजिक संबंधों में निहित है।

आयोजकों का कहना है कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान लोगों ने जाति, धर्म और समुदाय की सीमाओं से ऊपर उठकर देश के लिए संघर्ष किया। इसलिए आज भी समाज में उसी एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करने की आवश्यकता है।

जमशेदपुर औद्योगिक और सामाजिक विविधता के लिए जाना जाता है। ऐसे शहर में साझा विरासत और सामाजिक समरसता पर आधारित कार्यक्रम का आयोजन अपने आप में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सर्वोदय समिति ने लोगों से बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने और साझा इतिहास पर होने वाली चर्चा का हिस्सा बनने की अपील की है।

कार्यक्रम में राजनीतिक नेताओं के साथ सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों की मौजूदगी से विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श की उम्मीद है। आयोजकों के अनुसार, सेमिनार का मुख्य संदेश यही होगा कि भारत की विविधता उसकी कमजोरी नहीं, बल्कि उसकी सबसे बड़ी ताकत है।

सर्वोदय समिति की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक सेमिनार तक सीमित नहीं रहने की बात कही गई है। समिति का उद्देश्य सामाजिक संवाद को बढ़ावा देना और लोगों के बीच आपसी विश्वास तथा भाईचारे की भावना को मजबूत करना है।

‘साझी शहादत-साझी विरासत’ का संदेश देश की उन साझा कुर्बानियों और परंपराओं को याद करने का प्रयास है, जिन्होंने भारत की पहचान को मजबूत बनाया। जमशेदपुर में होने वाले इस कार्यक्रम में इसी विचार को आगे बढ़ाने और समाज में एकता, सद्भाव तथा सामाजिक समरसता का संदेश देने पर जोर रहेगा।

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