Jamshedpur News : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की CBI जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और छात्रों का भरोसा बहाल करने के लिए निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
Jamshedpur News : झारखंड की प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर एक बार फिर सियासत तेज हो गई है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) और JSSC (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग) की परीक्षाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और अभ्यर्थियों के मन में उठ रहे संदेह को दूर करने के लिए निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है।
मंगलवार को जमशेदपुर के सर्किट हाउस में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में रघुवर दास ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड में लंबे समय से JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर सवाल उठते रहे हैं। हजारों अभ्यर्थी लगातार भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। ऐसे में सरकार को छात्रों की भावनाओं का सम्मान करते हुए पूरे मामले की CBI जांच कराने की अनुशंसा करनी चाहिए।
रघुवर दास ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ई-मेल के माध्यम से एक विस्तृत पत्र भेजा है। उन्होंने कहा कि यह पत्र उन्होंने किसी राजनीतिक दल के प्रतिनिधि या पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि झारखंड के छात्रों की पीड़ा को महसूस करने वाले एक नागरिक के रूप में लिखा है।
उन्होंने कहा, “मैं आदिवासी, मूलवासी और झारखंड के सभी छात्रों की स्थिति से व्यथित होकर मुख्यमंत्री को यह पत्र लिख रहा हूं। मुझे अपने छात्र जीवन का संघर्ष आज भी याद है। उसी अनुभव के आधार पर मैं समझ सकता हूं कि आज प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं पर क्या बीत रही होगी।”
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के हजारों युवा वर्षों तक कठिन परिश्रम कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में यदि भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं तो उनका मनोबल टूटता है और सरकारी व्यवस्था के प्रति विश्वास भी कमजोर होता है। उन्होंने कहा कि सरकार का दायित्व है कि वह युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ न होने दे।
रघुवर दास ने मुख्यमंत्री से आग्रह करते हुए कहा कि JPSC और JSSC भर्ती प्रक्रिया में सामने आए कथित विवादों और शिकायतों की CBI से जांच कराई जाए। इससे यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो दोषियों की पहचान होगी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकेगी। वहीं यदि लगाए गए आरोप निराधार साबित होते हैं तो अभ्यर्थियों के मन में मौजूद सभी शंकाएं भी समाप्त हो जाएंगी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में JPSC और JSSC अभ्यर्थी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय सरकार को उनके साथ संवाद स्थापित करना चाहिए। छात्रों की समस्याओं का समाधान निकालना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
रघुवर दास ने कहा कि झारखंड एक आदिवासी बहुल और अपेक्षाकृत पिछड़ा राज्य है, जहां बड़ी संख्या में युवा सरकारी नौकरियों को अपने भविष्य का आधार मानते हैं। ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्र वर्षों तक मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया पर उठने वाले सवाल न केवल युवाओं के भविष्य को प्रभावित करते हैं बल्कि पूरे चयन तंत्र की विश्वसनीयता पर भी असर डालते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में पारदर्शी व्यवस्था चाहती है तो उसे बिना किसी राजनीतिक पूर्वाग्रह के CBI जांच की अनुशंसा करनी चाहिए। निष्पक्ष जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि भर्ती प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है या नहीं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “CBI जांच होने से पूरे मामले में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो दोषियों को सजा मिलेगी और यदि आरोप गलत हैं तो छात्रों के मन में मौजूद संदेह भी दूर हो जाएंगे। सरकार को बिना देरी किए इस दिशा में पहल करनी चाहिए।”
उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड के छात्रों का आंदोलन अब केवल छात्रों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह एक जन आंदोलन का स्वरूप लेता जा रहा है। बड़ी संख्या में अभिभावक और समाज के विभिन्न वर्ग भी छात्रों की मांगों का समर्थन कर रहे हैं। ऐसे में सरकार को इस विषय को गंभीरता से लेना चाहिए।
रघुवर दास ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपील करते हुए कहा कि वे आंदोलनरत छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से जल्द बातचीत करें और उनकी मांगों पर सकारात्मक एवं ठोस निर्णय लें। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़ा यह विषय केवल राजनीतिक बहस का मुद्दा नहीं है, बल्कि लाखों परिवारों की उम्मीदों से जुड़ा मामला है।
उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों के हितों की रक्षा करते हुए भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी परीक्षा को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार समय रहते उचित कदम उठाती है तो छात्रों का विश्वास दोबारा मजबूत किया जा सकता है।
रघुवर दास ने अंत में दोहराया कि उनका उद्देश्य किसी पर राजनीतिक आरोप लगाना नहीं, बल्कि झारखंड के युवाओं के भविष्य की रक्षा करना है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे छात्रों को न्याय दिलाने, उनकी शंकाओं का समाधान करने और पूरे मामले की निष्पक्ष CBI जांच कराने की दिशा में शीघ्र निर्णय लें ताकि राज्य की भर्ती व्यवस्था पर जनता का विश्वास कायम रह सके।















