Jamshedpur News : जमशेदपुर के दोमुहानी संगम घाट पर “एक पौधा भविष्य के नाम” अभियान की शुरुआत हुई। पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता, मेयर सुधा गुप्ता, कांग्रेस के कार्यकारी जिला अध्यक्ष अवधेश सिंह समेत कई सामाजिक संगठनों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य का संकल्प लिया।
Jamshedpur News : पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित एवं सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार को जमशेदपुर के ऐतिहासिक दोमुहानी संगम घाट पर “एक पौधा भविष्य के नाम” अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अभियान के माध्यम से शहरवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की गई। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों और पर्यावरण प्रेमियों ने एक साथ पौधरोपण कर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत दोमुहानी संगम घाट पर पौधरोपण के साथ हुई। नदी किनारे लगाए गए पौधों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि यदि आज पर्यावरण की रक्षा नहीं की गई तो आने वाली पीढ़ियों को जल संकट, बढ़ते तापमान और प्रदूषण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि वे केवल पौधे लगाएंगे ही नहीं बल्कि उनकी नियमित देखभाल भी करेंगे।
मेयर सुधा गुप्ता और पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने किया पौधरोपण
अभियान में जमशेदपुर नगर निगम की मेयर सुधा गुप्ता, पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता, कांग्रेस के कार्यकारी जिला अध्यक्ष अवधेश सिंह सहित कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी ने दोमुहानी संगम घाट के आसपास पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण, पेड़ों की अंधाधुंध कटाई और प्रदूषण के कारण प्राकृतिक संतुलन लगातार बिगड़ रहा है। ऐसे समय में वृक्षारोपण केवल एक अभियान नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी बन चुका है। यदि प्रत्येक नागरिक अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे तो आने वाले वर्षों में पर्यावरण की स्थिति में बड़ा सुधार लाया जा सकता है।
बन्ना गुप्ता के नेतृत्व में अभियान का औपचारिक शुभारंभ
पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता के नेतृत्व में इस अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर लाखों पौधे लगाने के लिए प्रसिद्ध चार्मी मुर्मू, डीएफओ सबा आलम तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने भी पौधरोपण किया। सभी ने मिलकर हरित भविष्य के निर्माण और पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में मौजूद पर्यावरण प्रेमियों ने कहा कि पौधरोपण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे जनभागीदारी का अभियान बनाना होगा। जब समाज का प्रत्येक वर्ग इसमें शामिल होगा तभी इसका वास्तविक उद्देश्य पूरा हो सकेगा।
अवधेश सिंह ने लोगों से की अभियान से जुड़ने की अपील
कांग्रेस के कार्यकारी जिला अध्यक्ष अवधेश सिंह ने इस अवसर पर कहा कि “एक पौधा भविष्य के नाम” एक सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि आज पर्यावरण संतुलन बनाए रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यदि हर व्यक्ति कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने का संकल्प ले तो शहर को हरा-भरा बनाया जा सकता है।
उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यह केवल किसी संस्था या सरकार का अभियान नहीं है, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, हरियाली और सुरक्षित पर्यावरण देने के लिए प्रत्येक नागरिक को इस अभियान का हिस्सा बनना चाहिए।
जलवायु परिवर्तन पर जताई चिंता
पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने अपने संबोधन में देशभर में बदलते मौसम और जलवायु परिवर्तन पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देश के कई हिस्सों में लगातार मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो रही है, जबकि जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों में इस वर्ष अपेक्षित वर्षा नहीं हुई है। इसका परिणाम यह है कि लोग भीषण गर्मी और जल संकट जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह असंतुलित मौसम चक्र जलवायु परिवर्तन का स्पष्ट संकेत है। यदि समय रहते पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। उन्होंने कहा कि पेड़ ही धरती के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए वृक्षारोपण केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।
नदियों के संरक्षण पर भी दिया गया विशेष जोर
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने केवल पौधरोपण ही नहीं बल्कि नदियों के संरक्षण की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नदियां केवल जल का स्रोत नहीं बल्कि हमारी संस्कृति, सभ्यता और जीवन का आधार हैं। यदि नदियां प्रदूषित होती रहीं तो आने वाले समय में जल संकट और गंभीर हो जाएगा।
पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने लोगों से अपील की कि वे नदियों में कचरा, प्लास्टिक और अन्य प्रदूषित सामग्री डालने से बचें तथा जल स्रोतों को स्वच्छ रखने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण तभी सफल होगा जब वृक्षों के साथ-साथ जल स्रोतों की भी रक्षा की जाएगी।
गंगा आरती के माध्यम से दिया गया प्रकृति संरक्षण का संदेश
अभियान के समापन अवसर पर गंगा आरती का आयोजन किया गया। गंगा आरती के माध्यम से उपस्थित लोगों को नदियों के महत्व और उनके संरक्षण का संदेश दिया गया। धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण को जोड़ते हुए आयोजकों ने लोगों से प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने की अपील की।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे अपने घर, मोहल्ले, विद्यालय, कार्यालय और सार्वजनिक स्थानों पर पौधे लगाएंगे तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। सामाजिक संगठनों ने भविष्य में भी इस तरह के अभियान लगातार चलाने की घोषणा की।
हर नागरिक की भागीदारी से सफल होगा अभियान
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों का सबसे प्रभावी समाधान बड़े स्तर पर वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण ही है। “एक पौधा भविष्य के नाम” अभियान इसी सोच को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास है। यदि प्रत्येक नागरिक एक पौधा लगाकर उसकी जिम्मेदारी निभाए, तो आने वाले वर्षों में जमशेदपुर ही नहीं बल्कि पूरा देश अधिक हरित, स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल बन सकता है।
इस अभियान ने यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं बल्कि निरंतर चलने वाली सामाजिक जिम्मेदारी है। आने वाली पीढ़ियों को बेहतर जीवन देने के लिए आज से ही प्रकृति के संरक्षण की दिशा में सामूहिक प्रयास करना समय की मांग है।















