Jamshedpur News : जमशेदपुर में भाजपा ने JPSC, JSSC, CGL और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार व अनियमितताओं के विरोध में जिला उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया। नेताओं ने हेमंत सोरेन सरकार पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की।
Jamshedpur News : झारखंड में विभिन्न सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच शनिवार को जमशेदपुर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जिला उपायुक्त कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी ने आरोप लगाया कि JPSC, JSSC, CGL, जूनियर इंजीनियर, उत्पाद सिपाही तथा अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और धांधली के कारण राज्य के लाखों युवाओं का भविष्य संकट में पड़ गया है। भाजपा ने इसे युवाओं के अधिकारों और सपनों पर सीधा हमला बताते हुए राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर राज्य सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। नेताओं का कहना था कि बेरोजगार युवा लंबे समय से निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी आवाज सुनने के बजाय मामले को नजरअंदाज कर रही है।
वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में सरकार पर साधा निशाना
इस विरोध प्रदर्शन में पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता दुलाल भुइयाँ, पूर्व सांसद आभा महतो, भाजपा जिला उपाध्यक्ष बबुआ सिंह, भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष नीलू मछुवा सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नेताओं ने आरोप लगाया कि झारखंड में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उनका कहना था कि जिन परीक्षाओं के माध्यम से युवाओं को रोजगार मिलना चाहिए, उन्हीं परीक्षाओं में बार-बार विवाद सामने आने से युवाओं का विश्वास टूट रहा है।
भाजपा नेताओं ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध हो, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में युवाओं को केवल निराशा और असमंजस का सामना करना पड़ रहा है।
युवाओं के आक्रोश के समर्थन में उतरी भाजपा
भाजपा नेताओं ने कहा कि पार्टी का यह आंदोलन केवल राजनीतिक विरोध नहीं बल्कि उन लाखों युवाओं के समर्थन में है जो वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। नेताओं के अनुसार कई परीक्षाओं में पेपर लीक, चयन प्रक्रिया पर सवाल, परिणामों में देरी तथा कथित अनियमितताओं की वजह से अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है।
उन्होंने कहा कि झारखंड के युवा मेहनत और ईमानदारी के बल पर सरकारी सेवा में जाना चाहते हैं, लेकिन यदि भर्ती प्रक्रिया पर ही सवाल उठेंगे तो युवाओं का भरोसा व्यवस्था से उठ जाएगा। भाजपा ने आरोप लगाया कि सरकार इन मुद्दों पर गंभीरता से कार्रवाई करने में विफल रही है।
मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग
प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। उनका कहना था कि यदि सरकार भर्ती परीक्षाओं को निष्पक्ष तरीके से संपन्न नहीं करा पा रही है तो उसे सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है।
नेताओं ने कहा कि राज्य सरकार को भर्ती प्रक्रिया में सामने आए सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए और दोषी अधिकारियों तथा संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से सुरक्षित बनाया जाए।
जिला उपायुक्त कार्यालय पर सौंपा गया विरोध संदेश
प्रदर्शन के बाद भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन के माध्यम से राज्य सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाने की बात कही। पार्टी नेताओं ने कहा कि यदि युवाओं की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
भाजपा का कहना है कि राज्य के युवाओं को रोजगार के लिए वर्षों तक इंतजार करना पड़ता है और जब परीक्षाएं आयोजित होती हैं तो उन पर भी विवाद खड़े हो जाते हैं। इससे प्रतियोगी छात्रों का मनोबल कमजोर होता है और उनका भविष्य प्रभावित होता है।
रोजगार और पारदर्शिता बना मुख्य मुद्दा
झारखंड में बेरोजगारी और सरकारी भर्तियों का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक बहस का केंद्र रहा है। विभिन्न भर्ती परीक्षाओं को लेकर समय-समय पर उठे विवादों के कारण विपक्ष लगातार सरकार को घेरता रहा है। भाजपा का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए ताकि योग्य अभ्यर्थियों को बिना किसी भेदभाव के अवसर मिल सके।
दूसरी ओर, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों का भी कहना है कि भर्ती प्रक्रिया समय पर पूरी हो और यदि किसी परीक्षा में अनियमितता की शिकायत मिलती है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
आगे भी जारी रहेगा आंदोलन
भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार युवाओं की मांगों को गंभीरता से नहीं लेती है तो राज्यभर में चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी युवाओं के अधिकारों और रोजगार के मुद्दे पर लगातार संघर्ष करती रहेगी।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए और मांग की कि सभी विवादित भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषियों को दंडित किया जाए तथा भविष्य में पारदर्शी भर्ती व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दे आगामी दिनों में झारखंड की राजनीति में प्रमुख विषय बने रह सकते हैं। युवाओं से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे पर सरकार और विपक्ष दोनों की रणनीति पर सभी की नजर बनी हुई है।















