देहरादून, 13 फरवरी 2026 — उत्तराखंड की राजधानी देहरादून की राजपुर रोड पर शुक्रवार सुबह एक सनसनीखेज हत्या की घटना में जमशेदपुर निवासी विक्रम शर्मा को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया। यह वारदात शहर के सबसे व्यस्त और व्यावसायिक क्षेत्रों में से एक सिल्वर सिटी मॉल के पास सुबह लगभग 10:00 बजे के आसपास हुई, जब लोग नियमित गतिविधियों में व्यस्त थे। पुलिस और आम जनता दोनों इस धाराशायी हमले की भयावहता से दहशत में हैं।
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घटना के मुताबिक, विक्रम शर्मा जिम से लौट रहे थे और मॉल के बाहर स्थित सीढ़ियों के पास कदम रख चुके थे कि तभी दो अज्ञात हमलावरों ने उनकी ओर पिस्टल निकालकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। हमलावरों ने करीब से तीन गोलियां दागीं, जिससे विक्रम शर्मा घटनास्थल पर ही बेहोश होकर ढेर हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार घटना बेहद सुनियोजित रूप से अंजाम दी गई और आरोपी वारदात के तुरंत बाद मौके से भाग निकले। आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों का विश्लेषण पुलिस द्वारा जारी है, लेकिन अभी तक किसी भी संदिग्ध की पहचान नहीं हो पाई है। देहरादून पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी एसएसपी प्रमोद कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला किसी आपसी रंजिश या आपराधिक मुद्दों से जुड़ा प्रतीत होता है और सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है।
घटना की भयावहता इस बात से भी समझी जा सकती है कि विक्रम शर्मा स्वयं लाइसेंसी पिस्टल लेकर चल रहे थे, बावजूद इसके वे हमलावरों की फायरिंग से बच नहीं पाए। यह बात पुलिस और सुरक्षा विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय बन गयी है, क्योंकि सार्वजनिक and भीड़-भाड़ वाले इलाके में दिनदहाड़े की गोलीबारी की घटना कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

मृतक की पृष्ठभूमि और आपराधिक कनेक्शन
स्थानीय सूत्रों और समाचार रिपोर्टों के मुताबिक, विक्रम शर्मा मूलतः जमशेदपुर (झारखंड) से थे और वह लंबे समय से देहरादून में रह रहे थे। उनका नाम प्रॉपर्टी डीलिंग और स्टोन क्रशर व्यवसाय से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। हालांकि उन्हें व्यावसायिक रूप में देखा जाता था, लेकिन उनसे जुड़े कई आपराधिक मामलों के दावे भी समय-समय पर सामने आते रहे हैं। कुछ स्थानीय समाचार रिपोर्टों में बताया गया है कि उनका नाम कुख्यात गैंगस्टर अखिलेश सिंह के “गुरु” के रूप में भी जुड़ा रहा है — हालांकि पुलिस ने इस कथन की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, विक्रम का आपराधिक पृष्ठभूमि के साथ गहरा संबंध रहा है और उनका नाम कई पुराने मामलों में दर्ज रहा है, इसलिए पुलिस इसी संबंध को भी जांच में शामिल कर रही है। हालांकि, अभी स्पष्ट रूप से यह नहीं कहा जा सकता कि हत्या का कारण गैंगस्टर माफिया संगठनों के बीच स्थानीय संघर्ष है या फिर सामाजिक-व्यावसायिक विवादों से उभरी कोई निजी दुश्मनी।

शहर में कानून-व्यवस्था पर सवाल
इस हत्या की घटना से पहले भी पिछले कुछ हफ्तों में देहरादून में कई हत्या-और हिंसा-पूर्ण घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं में गैस एजेंसी मालिक की दिनदहाड़े हत्या और कुछ अन्य हिंसात्मक मामलों ने शहर में कानून-व्यवस्था पर भारी प्रश्न चिन्ह लगा दिया है। कई लोग सोशल मीडिया पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग कर रहे हैं और पुलिस प्रशासन से इस तरह की हिंसा को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की अपील कर रहे हैं।
देहरादून थाना और एसटीएफ की टीम घटना की तह तक जाने के लिए खुफिया नेटवर्क, मोबाइल डेटा और सीसीटीवी फुटेज के संदर्भ में जांच कर रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी कर ली जाएगी, जिससे शहर में बढ़ती अराजकता और भय की स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।














