मरीजों के लिए फ्लू और हड़तालों का “दोहरा झटका” बड़ा खतरा बन सकता है: England

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मरीजों के लिए फ्लू और हड़तालों का “दोहरा झटका” बड़ा खतरा बन सकता है: स्ट्रीटिंग इंग्लैंड के स्वास्थ्य सचिव वेस स्ट्रीटिंग ने अस्पतालों में बढ़ते फ्लू मरीजों और अगले सप्ताह रेज़िडेंट डॉक्टरों की प्रस्तावित हड़ताल को लेकर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने इसे मरीजों और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए “दोहरी मार” बताया।

एलबीसी से बातचीत में स्ट्रीटिंग ने कहा कि मौजूदा हालात “कोविड के बाद से एनएचएस पर पड़ा सबसे बड़ा दबाव” हो सकते हैं। रविवार तक के एक सप्ताह में औसतन रोज़ 2,660 फ्लू मरीज अस्पतालों में भर्ती थे, जिसे एनएचएस इंग्लैंड ने तीन अस्पतालों के पूरी तरह फ्लू मरीजों से भरे होने के बराबर बताया है।

हड़ताल के टलने की उम्मीद जताई जा रही है। डॉक्टरों के संगठन ब्रिटिश मेडिकल एसोसिएशन (BMA) ने अपने सदस्यों से मतदान कराने पर सहमति जताई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे हड़ताल वापस लेने को तैयार हैं या नहीं। इस वोट के नतीजे सोमवार को जारी किए जाएंगे।

LBC को दिए एक इंटरव्यू में वेस स्ट्रीटिंग ने सवाल उठाया कि अगर BMA सिर्फ उन्हें “सबक सिखाना” चाहती थी, तो उसने उनकी हड़ताल को जनवरी तक टालने की पेशकश क्यों नहीं मानी।

उन्होंने कहा, “मैं यही मान सकता हूं कि उन्होंने ऐसा इसलिए नहीं किया, क्योंकि उन्हें पता है कि यह सप्ताह NHS के लिए सबसे ज्यादा तकलीफदेह होगा।”

पिछले एक हफ्ते में अस्पतालों में भर्ती इन्फ्लुएंजा के मरीजों की संख्या 50 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गई है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अभी इसके चरम पर पहुंचने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं।

इस सर्दी में फ्लू सामान्य से पहले आ गया है और विशेषज्ञों के अनुसार वायरस के एक नए परिवर्तित (म्यूटेटेड) रूप के फैलने के कारण यह मौसम खासा गंभीर साबित हो सकता है। कई लोग इसे अब “सुपर फ्लू” कह रहे हैं, हालांकि यह न तो ज्यादा घातक है और न ही इसका इलाज ज्यादा कठिन है।

एक अन्य इंटरव्यू में स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि आम जनता से मास्क पहनने की कोई योजना नहीं है, लेकिन अगर अस्पतालों या केयर होम्स में आने वालों को मास्क पहनने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, तो वे इसका समर्थन करेंगे।

लंदन में NHS के मेडिकल डायरेक्टर क्रिस स्ट्रेदर ने कहा कि फ्लू की स्थिति “पूरी तरह उस सीमा के भीतर है” जिससे NHS निपट सकता है, और कोविड महामारी के बाद से अस्पताल बड़े पैमाने पर बीमारियों से निपटने के लिए बेहतर तरीके से तैयार हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि बेवजह की अटकलें मददगार नहीं होतीं और इससे लोगों में चिंता बढ़ सकती है।

इसी बीच, इंग्लैंड में रेज़िडेंट डॉक्टरों (पूर्व में जूनियर डॉक्टर) की पांच दिन की हड़ताल 17 दिसंबर से शुरू होने वाली है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

इस वर्ष अस्पतालों में भर्ती फ्लू मरीजों की संख्या इस मौसम के लिए अब तक के सबसे उच्च स्तर पर पहुंच गई है। हालांकि रिकॉर्ड केवल वर्ष 2021 से उपलब्ध हैं, इसलिए पिछले 15 वर्षों के दो सबसे गंभीर फ्लू सीज़न (2014–15 और 2017–18) इसमें शामिल नहीं हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, पूरे सप्ताह मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है और आशंका जताई जा रही है कि सप्ताहांत तक यह संख्या 5,000 से भी अधिक हो सकती है।

स्कॉटलैंड में पिछले एक सप्ताह के दौरान फ्लू के पुष्ट मामलों में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि फ्लू के कारण अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वेल्स और नॉर्दर्न आयरलैंड में भी स्थिति कुछ ऐसी ही बनी हुई है। वहां स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि बच्चे और युवा इस बार फ्लू से सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।

फ्लू के तेज़ी से फैलाव को रोकने के लिए कुछ स्कूलों में कोविड काल जैसे एहतियाती कदम दोबारा लागू करने पड़े हैं। वेल्स के कैरफिली (Caerphilly) क्षेत्र में एक स्कूल को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा, जबकि स्कॉटलैंड के एबरडीनशायर (Aberdeen shire) में कुछ स्कूलों ने अपने समय में कटौती की है।

इंग्लैंड में पांच से 14 वर्ष की आयु के बच्चों और किशोरों में फ्लू पॉजिटिविटी रेट सबसे अधिक दर्ज किया गया है। हालांकि सबसे गंभीर असर की बात करें तो फ्लू के कारण अस्पताल में भर्ती होने की दर 75 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों और पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में सबसे ज्यादा है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस साल फ्लू सामान्य से लगभग एक महीने पहले फैलना शुरू हो गया। इसकी मुख्य वजह वायरस का बदला हुआ स्वरूप (म्यूटेटेड स्ट्रेन) बताया जा रहा है। इस समय फ्लू का प्रमुख स्ट्रेन H3N2 है, जिसमें इस वर्ष कुछ आनुवंशिक बदलाव देखे गए हैं। इसका मतलब यह है कि आम लोगों ने पहले इस फ्लू के बिल्कुल इसी रूप का सामना नहीं किया है, जिससे उनके शरीर में इसके खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता कम हो सकती है। हालांकि विशेषज्ञों ने यह भी स्पष्ट किया है कि फ्लू वैक्सीन अब भी प्रभावी है और लोगों को टीकाकरण कराने की सलाह दी जा रही है।
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