Jharkhand News : चाईबासा में थैलेसिमिया पीड़ित बच्चों में ब्लड ट्रांसफ्यूजन के बाद HIV संक्रमण की पुष्टि ने पूरे झारखंड के स्वास्थ्य तंत्र को हिला कर रख दिया है। इस मामले में झारखंड हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश के 82 ब्लड बैंकों का ऑडिट कराया था। ऑडिट रिपोर्ट अब तैयार होकर मंगलवार को कोर्ट में पेश की जाएगी। रिपोर्ट में कई गंभीर खामियों का खुलासा हुआ है — 17 ब्लड बैंकों की स्थिति इतनी खराब पाई गई कि उनके लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की गई है। इनमें से 10 ब्लड बैंक तो पूरी तरह असुरक्षित माने गए हैं, जहां न टेस्टिंग के मानक पूरे हो रहे थे और न ही ब्लड स्टोरेज की सही व्यवस्था थी। कुछ ब्लड बैंकों को सुधार के लिए सीमित समय दिया गया है ताकि वे निर्धारित मानकों को पूरा कर सकें।
स्वास्थ्य विभाग ने इस पूरे मामले के बाद ब्लड बैंक संचालन के लिए नई Standard Operating Procedure (SOP) तैयार की है, जिसमें टेस्टिंग, ब्लड स्टोरेज और मॉनिटरिंग से जुड़े कड़े दिशा-निर्देश शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही, स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल ने निर्णय लिया है कि 12 से 28 नवंबर तक राज्यभर में स्वैच्छिक रक्तदान अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री इस अभियान का शुभारंभ झारखंड स्थापना दिवस के अवसर पर करेंगे। सरकार का कहना है कि इस कदम से न केवल रक्तदान को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि ब्लड बैंक संचालन में पारदर्शिता और सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। स्वास्थ्य विभाग अब इस बात पर भी जोर दे रहा है कि किसी भी ब्लड बैंक में मानक से समझौता करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।










