Jamshedpur -भुवनेश्वर फ्लाइट बंद, सोनारी एयरपोर्ट से इंडियावन एयर की सेवा समाप्त, 31 अगस्त तक चली उड़ान
Jamshedpur के सोनारी एयरपोर्ट से भुवनेश्वर के लिए संचालित इंडियावन एयर की नौ सीटर उड़ान सेवा 1 सितंबर से बंद हो जाएगी। इसके साथ ही जमशेदपुर एक बार फिर नियमित हवाई संपर्क से वंचित हो जाएगा। एयरलाइन ने राज्य सरकार से वित्तीय सहायता नहीं मिलने और उड़ान योजना के तहत वायबिलिटी गैप फंडिंग समाप्त होने को इसका प्रमुख कारण बताया है।
औद्योगिक शहर Jamshedpur एक बार फिर देश के नियमित हवाई मानचित्र से बाहर होने जा रहा है। विमानन कंपनी इंडियावन एयर सोनारी एयरपोर्ट से भुवनेश्वर के लिए संचालित अपनी एकमात्र नौ सीटर उड़ान सेवा बंद करने जा रही है। 31 अगस्त तक संचालित होने वाली यह सेवा 1 सितंबर से यात्रियों के लिए उपलब्ध नहीं होगी।
इस फैसले के साथ ही जमशेदपुर से भुवनेश्वर का हवाई सफर थम जाएगा। पहले कोलकाता के लिए संचालित उड़ान सेवा भी बंद हो चुकी है। ऐसे में अब कोल्हान क्षेत्र और आसपास के औद्योगिक इलाकों के यात्रियों को हवाई यात्रा के लिए रांची, कोलकाता या अन्य नजदीकी एयरपोर्ट पर निर्भर रहना पड़ेगा।
इंडियावन एयर की ओर से उड़ान सेवा बंद करने के पीछे प्रमुख कारण सरकारी वित्तीय सहयोग का अभाव बताया गया है। केंद्र सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना उड़ान (UDAN) के तहत एयरलाइन को मिलने वाली वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) की अवधि मई महीने में समाप्त हो गई थी।
उड़ान योजना का उद्देश्य छोटे शहरों और क्षेत्रीय एयरपोर्ट को हवाई नेटवर्क से जोड़ना है। कई ऐसे मार्गों पर जहां यात्रियों की संख्या या किराए से मिलने वाली आय शुरुआती दौर में परिचालन खर्च पूरा नहीं कर पाती, वहां सरकारी सहायता के माध्यम से विमानन कंपनियों को संचालन में मदद दी जाती है।
इंडियावन एयर के अनुसार, जमशेदपुर से संचालित उड़ान सेवा को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाए रखने के लिए वित्तीय सहयोग आवश्यक था। केंद्र से मिलने वाली सहायता समाप्त होने के बाद संबंधित राज्य सरकारों से भी अपेक्षित सहयोग नहीं मिल सका, जिसके चलते कंपनी के लिए कम किराए पर सेवा जारी रखना मुश्किल हो गया।
जमशेदपुर से हवाई कनेक्टिविटी का संकट अचानक नहीं आया है। केंद्र सरकार की वीजीएफ सहायता समाप्त होने के बाद राज्य सरकारों से सब्सिडी नहीं मिलने के कारण जमशेदपुर-कोलकाता उड़ान सेवा मई में ही बंद कर दी गई थी।
कोलकाता के बाद भुवनेश्वर रूट ही सोनारी एयरपोर्ट से नियमित रूप से संचालित होने वाली प्रमुख हवाई सेवा बची थी। इस सेवा को ओडिशा सरकार के सहयोग से 31 अगस्त तक जारी रखा गया। लेकिन अब यह सहयोग भी समाप्त होने के बाद कंपनी ने भुवनेश्वर सेवा बंद करने का फैसला लिया है।
इससे जमशेदपुर के यात्रियों के सामने हवाई संपर्क की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। विशेष रूप से उन लोगों को परेशानी होगी, जो व्यवसाय, उद्योग, चिकित्सा, शिक्षा या अन्य आवश्यक कार्यों के लिए कम समय में भुवनेश्वर और अन्य बड़े शहरों की यात्रा करते थे।
इंडियावन एयर ने 31 जनवरी 2023 से जमशेदपुर को हवाई संपर्क उपलब्ध कराना शुरू किया था। इस अवधि में कंपनी ने विभिन्न मार्गों पर 4,000 से अधिक सफल उड़ानें संचालित कीं।
नौ सीटर विमान के माध्यम से शुरू हुई यह सेवा आकार में भले ही छोटी थी, लेकिन जमशेदपुर और कोल्हान क्षेत्र के लिए इसका महत्व काफी बड़ा था। वर्षों से बेहतर एयर कनेक्टिविटी की मांग कर रहे शहर को इस सेवा के शुरू होने से एक उम्मीद मिली थी।
जमशेदपुर से कोलकाता और भुवनेश्वर जैसे प्रमुख शहरों तक कम समय में पहुंचने की सुविधा मिलने लगी थी। उद्योग जगत से जुड़े लोगों के साथ-साथ नियमित यात्रियों, छात्रों और दूसरे कामकाजी लोगों ने भी इस सेवा का लाभ उठाया।
लेकिन आर्थिक चुनौतियों और सरकारी सहयोग की कमी ने अब इस हवाई संपर्क को फिर से समाप्त कर दिया है।
इंडियावन एयर के सीईओ प्रेम कुमार गर्ग के अनुसार, छोटे विमान से क्षेत्रीय मार्गों पर परिचालन करना काफी महंगा है। उन्होंने बताया कि एक सीट के संचालन पर करीब 10,000 रुपये तक का खर्च आता है।
वहीं, यात्रियों को आकर्षित करने और क्षेत्रीय उड़ान को किफायती बनाए रखने के लिए टिकट का किराया लगभग 3,000 रुपये के आसपास रखा गया था। सरकारी सब्सिडी या वीजीएफ सहायता के अभाव में इतने कम किराए पर विमान सेवा संचालित करना एयरलाइन के लिए लगातार घाटे का सौदा बन गया।
छोटे विमान, सीमित सीटों और परिचालन लागत के कारण क्षेत्रीय एयरलाइन को सरकार की वित्तीय मदद की जरूरत पड़ती है। यदि यात्रियों को महंगा टिकट बेचा जाए तो मांग प्रभावित हो सकती है, जबकि कम किराए पर सेवा चलाने से एयरलाइन को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
यही वजह है कि कंपनी ने वित्तीय सहयोग समाप्त होने के बाद भुवनेश्वर उड़ान सेवा को बंद करने का फैसला लिया है।
उड़ान सेवा बंद होने के फैसले से जमशेदपुर और आदित्यपुर के उद्योग जगत में निराशा है। जमशेदपुर को देश के प्रमुख औद्योगिक शहरों में गिना जाता है। यहां कई बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठान, निर्माण इकाइयां, इंजीनियरिंग कंपनियां और व्यावसायिक संस्थान मौजूद हैं।
जमशेदपुर-आदित्यपुर औद्योगिक बेल्ट का कारोबार देश और विदेश के कई शहरों से जुड़ा हुआ है। ऐसे में बेहतर एयर कनेक्टिविटी को क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष मानव केडिया ने हवाई सेवा बंद होने पर चिंता जताते हुए कहा कि जमशेदपुर जैसे बड़े औद्योगिक शहर के लिए नियमित हवाई संपर्क बेहद जरूरी है। बेहतर कनेक्टिविटी से कारोबार, निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है।
वहीं, पूर्व सीआईआई झारखंड अध्यक्ष एसके बेहेरा ने भी कहा कि जमशेदपुर-आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए हवाई सेवा को नियमित और मजबूत बनाना आवश्यक है। राज्य सरकार को इस मामले में गंभीरता से पहल करनी चाहिए।
उद्योग और व्यापार जगत से जुड़े संगठनों ने राज्य सरकार से अविलंब हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सरकारी स्तर पर आवश्यक वित्तीय सहायता और नीतिगत समर्थन मिलता है तो क्षेत्रीय उड़ान सेवा को दोबारा शुरू किया जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहर की आर्थिक क्षमता और यात्रियों की जरूरत को देखते हुए एयर कनेक्टिविटी को केवल व्यावसायिक लाभ-हानि के नजरिये से नहीं देखा जाना चाहिए। बेहतर हवाई संपर्क निवेशकों, उद्योगपतियों और कारोबार से जुड़े लोगों को तेजी से यात्रा करने की सुविधा देता है, जिसका सीधा प्रभाव क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों पर पड़ता है।
राज्य सरकार से यह भी उम्मीद की जा रही है कि वह एयरलाइन कंपनियों और केंद्र सरकार के साथ बातचीत कर सोनारी एयरपोर्ट से नई या पुरानी उड़ान सेवाओं को फिर से शुरू कराने का रास्ता तलाशे।
भुवनेश्वर उड़ान बंद होने के बाद सोनारी एयरपोर्ट का भविष्य भी एक बार फिर चर्चा में आ गया है। जमशेदपुर लंबे समय से बड़े और नियमित हवाई संपर्क की मांग कर रहा है। शहर के आकार, औद्योगिक महत्व और आबादी को देखते हुए यहां बेहतर एयर कनेक्टिविटी की जरूरत लगातार महसूस की जाती रही है।
नौ सीटर विमान की सेवा ने भले ही सीमित स्तर पर हवाई सुविधा उपलब्ध कराई, लेकिन इसके बंद होने के बाद सवाल उठ रहा है कि आखिर जमशेदपुर को स्थायी और नियमित एयर नेटवर्क से कब जोड़ा जाएगा।
फिलहाल 1 सितंबर से भुवनेश्वर की उड़ान बंद होने के साथ सोनारी एयरपोर्ट से नियमित हवाई सफर रुक जाएगा। अब लोगों की नजर केंद्र और राज्य सरकार पर टिकी है कि जमशेदपुर की हवाई कनेक्टिविटी को बहाल करने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।
औद्योगिक नगरी की जरूरतों और यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए यह मुद्दा आने वाले दिनों में और महत्वपूर्ण हो सकता है। व्यापारिक संगठनों की स्पष्ट मांग है कि सरकार जल्द पहल करे, ताकि जमशेदपुर एक बार फिर हवाई मानचित्र पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा सके।


















