Jamshedpur Raksha Bandhan : जमशेदपुर में रक्षाबंधन के पावन अवसर पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अपनी बहनों से राखी बंधवाई। बहनों ने उनकी कलाई पर राखी बांधकर लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान रघुवर दास ने बहनों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी उन्हें राखी बांधी। रघुवर दास ने रक्षाबंधन को भाई-बहन के अटूट प्रेम और मातृशक्ति के सम्मान का प्रतीक बताया।
Jamshedpur Raksha Bandhan : रक्षाबंधन के पावन पर्व पर पूरे देश के साथ जमशेदपुर में भी भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का खूबसूरत नजारा देखने को मिला। इस अवसर पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अपनी बहनों से राखी बंधवाई। पारंपरिक और भावुक माहौल में बहनों ने उनकी कलाई पर राखी बांधी और उनकी लंबी आयु, सुख-समृद्धि एवं स्वस्थ जीवन की कामना की।
Jamshedpur Raksha Bandhan : रक्षाबंधन केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि भाई-बहन के बीच प्रेम, विश्वास, स्नेह और जिम्मेदारी के रिश्ते को मजबूत करने वाला पर्व माना जाता है। इसी भावना के साथ रघुवर दास ने भी अपनी बहनों के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया। इस दौरान परिवार के सदस्यों और शुभचिंतकों के बीच भी उत्साह का माहौल रहा।
रक्षाबंधन के मौके पर बहनों ने रघुवर दास की कलाई पर राखी बांधी। राखी बांधने के बाद बहनों ने उनके सुखी, स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की। भाई-बहन के इस भावुक मिलन में पारिवारिक स्नेह और आत्मीयता साफ तौर पर नजर आई।
राखी बंधवाने के बाद रघुवर दास ने अपनी बहनों के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने रक्षाबंधन की परंपरा और परिवार में बहनों के महत्व को रेखांकित किया। भाई द्वारा बहन के पैर छूकर आशीर्वाद लेने का यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए भी खास रहा।
रघुवर दास का यह अंदाज भारतीय पारिवारिक और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति सम्मान को दर्शाता नजर आया। रक्षाबंधन के अवसर पर भाई-बहन के रिश्ते की यही आत्मीयता इस पर्व को विशेष बनाती है।
रक्षाबंधन कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी रघुवर दास को राखी बांधी। महिलाओं ने उन्हें अपना भाई मानते हुए उनकी कलाई पर राखी बांधी और शुभकामनाएं दीं। इस दौरान माहौल पूरी तरह उत्सव और भाईचारे से सराबोर नजर आया।
महिलाओं के साथ रघुवर दास ने भी आत्मीयता से मुलाकात की और रक्षाबंधन की शुभकामनाएं स्वीकार कीं। कार्यक्रम में शामिल महिलाओं के बीच भी काफी उत्साह देखा गया। रक्षाबंधन के इस आयोजन ने भाई-बहन के पारंपरिक रिश्ते के साथ सामाजिक जुड़ाव की भावना को भी मजबूत किया।
रक्षाबंधन के अवसर पर रघुवर दास ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह पर्व समाज में मातृशक्ति के सम्मान और उनके प्रति आदर की भावना को भी मजबूत करने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में बहन और भाई का रिश्ता बेहद पवित्र माना जाता है। राखी का धागा केवल एक धागा नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास, सुरक्षा और आपसी जिम्मेदारी का प्रतीक है। रक्षाबंधन का पर्व परिवारों को एक-दूसरे के करीब लाने और रिश्तों में मिठास बढ़ाने का अवसर भी देता है।
रघुवर दास ने इस अवसर पर झारखंड की सभी बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कामना की कि सभी बहनों का जीवन सुख, शांति और समृद्धि से भरा रहे।
रघुवर दास ने रक्षाबंधन को मातृशक्ति के सम्मान से जोड़ते हुए कहा कि समाज के निर्माण में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। भारतीय परंपरा में महिलाओं को सम्मान देने की संस्कृति सदियों पुरानी है और रक्षाबंधन इस भावना को और मजबूत करने का अवसर देता है।
रक्षाबंधन के मौके पर बहनों द्वारा भाई की कलाई पर राखी बांधना जहां प्रेम और विश्वास का प्रतीक है, वहीं भाई द्वारा बहन के सम्मान और सुरक्षा का संकल्प लेना इस रिश्ते की जिम्मेदारी को दर्शाता है। बदलते समय के साथ रक्षाबंधन का स्वरूप भले ही बदला हो, लेकिन भाई-बहन के रिश्ते में मौजूद स्नेह आज भी उतना ही मजबूत है।
रक्षाबंधन को लेकर जमशेदपुर में भी लोगों के बीच खास उत्साह देखने को मिला। बाजारों में रंग-बिरंगी राखियों और मिठाइयों की खरीदारी को लेकर रौनक रही। घरों में बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और भाइयों ने भी अपनी बहनों को उपहार देकर उनके प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त किया।
इसी उत्सवी माहौल के बीच रघुवर दास का अपनी बहनों से राखी बंधवाना और उनका आशीर्वाद लेना भी चर्चा का विषय रहा। बड़ी संख्या में महिलाओं के उनके साथ रक्षाबंधन मनाने से कार्यक्रम का सामाजिक स्वरूप भी नजर आया।
रक्षाबंधन का यह पर्व एक बार फिर यह संदेश देता है कि रिश्तों की मजबूती प्रेम, सम्मान और विश्वास पर टिकी होती है। भाई-बहन के रिश्ते में मौजूद भावनात्मक जुड़ाव ही इस त्योहार को हर साल खास बनाता है।
जमशेदपुर में रक्षाबंधन के अवसर पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अपनी बहनों से राखी बंधवाकर इस पवित्र रिश्ते की परंपरा को निभाया। बहनों ने उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की, वहीं रघुवर दास ने बहनों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। बड़ी संख्या में महिलाओं द्वारा राखी बांधे जाने से कार्यक्रम में उत्सव और आत्मीयता का माहौल देखने को मिला।
रघुवर दास ने रक्षाबंधन को भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक बताते हुए झारखंड की सभी बहनों को शुभकामनाएं दीं और मातृशक्ति के सम्मान का संदेश दिया।














