Jamshedpur News : जमशेदपुर में रक्षाबंधन के अवसर पर आत्मीय माहौल, सुधा गुप्ता ने भाइयों को बांधी राखी तो बन्ना गुप्ता ने बहनों को दिया उपहार, महिला सम्मान और सुरक्षा का लिया संकल्प
Jamshedpur News : रक्षाबंधन के पावन अवसर पर भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह, विश्वास और जिम्मेदारी का भाव देखने को मिला। पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता और मानगो नगर निगम की मेयर सुधा गुप्ता ने रक्षाबंधन का त्योहार हर्षोल्लास और आत्मीयता के साथ मनाया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पारंपरिक उत्साह के साथ भाई-बहन के रिश्ते की भावनात्मक झलक देखने को मिली। कार्यक्रम के दौरान राखी बांधने और बंधवाने की रस्म के साथ एक-दूसरे के प्रति स्नेह और सम्मान का इजहार किया गया।

रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो भाई-बहन के बीच प्रेम और विश्वास के रिश्ते को और मजबूत करता है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसके सुखी और दीर्घायु जीवन की कामना करती है, जबकि भाई बहन की सुरक्षा, सम्मान और खुशियों के लिए सदैव साथ खड़े रहने का संकल्प लेता है। जमशेदपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में भी इसी पारंपरिक भावना की झलक दिखाई दी।
रक्षाबंधन कार्यक्रम के दौरान सुधा गुप्ता ने अपने भाइयों को तिलक लगाया और उनकी कलाई पर राखी बांधी। राखी बांधते समय भाई-बहन के बीच आत्मीयता और स्नेह का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर परिवार के सदस्यों और उपस्थित लोगों ने भी एक-दूसरे को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।
वहीं बन्ना गुप्ता ने अपनी बहनों से राखी बंधवाई और उन्हें उपहार देकर त्योहार की खुशियां साझा कीं। उन्होंने बहनों का आशीर्वाद लिया और जीवन के हर सुख-दुख में उनके साथ खड़े रहने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भाई-बहन के इस प्रेमपूर्ण रिश्ते को भारतीय संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों की खूबसूरत मिसाल बताया।
इस अवसर पर सुधा गुप्ता ने कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं है, बल्कि यह भाई-बहन के बीच प्रेम, विश्वास, सम्मान और जिम्मेदारी के रिश्ते को मजबूत करने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में राखी का विशेष महत्व है। बहन द्वारा भाई की कलाई पर बांधा गया रक्षा सूत्र भाई को अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराता है।
उन्होंने कहा कि भाई-बहन का रिश्ता केवल एक दिन की रस्म तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह रिश्ता जीवन के हर पड़ाव पर एक-दूसरे के साथ खड़े रहने की प्रेरणा देता है। परिवार की खुशियों और मजबूती के लिए आपसी सम्मान और विश्वास बेहद जरूरी है।
सुधा गुप्ता ने रक्षाबंधन के संदेश को समाज से जोड़ते हुए महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा एवं सम्मान पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक मजबूती तभी संभव है, जब महिलाओं और बेटियों को सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर वातावरण मिले।
उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन के इस पावन अवसर पर समाज के प्रत्येक व्यक्ति को यह संकल्प लेना चाहिए कि बेटियों और महिलाओं के सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाएगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को समान अवसर और सम्मान देना केवल परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
सुधा गुप्ता ने कहा कि आज के समय में रक्षाबंधन के संदेश को केवल भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित रखने के बजाय इसे व्यापक सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में देखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हर बेटी को सुरक्षित वातावरण, हर महिला को सम्मान और हर परिवार को खुशहाल माहौल मिले, इसके लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान किसी भी सभ्य एवं मजबूत समाज की पहचान है। परिवार में बेटियों और महिलाओं को बराबरी का अधिकार और सम्मान मिलने से समाज में सकारात्मक बदलाव आता है। रक्षाबंधन जैसे पर्व लोगों को अपने सामाजिक दायित्वों की याद दिलाने का भी अवसर प्रदान करते हैं।
पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति का ऐसा पर्व है, जो रिश्तों की मजबूती, आपसी विश्वास और प्रेम का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि बहनों द्वारा बांधी गई राखी महज एक धागा नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि भाई के लिए बहन का स्नेह और विश्वास जीवनभर प्रेरणा देता है। उन्होंने अपनी बहनों को भरोसा दिलाया कि वे हमेशा उनके सुख-दुख में साथ खड़े रहेंगे। साथ ही उन्होंने समाज में महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयास करने की बात कही।
बन्ना गुप्ता ने कहा कि रक्षाबंधन का संदेश आज के दौर में परिवार से आगे समाज तक ले जाने की आवश्यकता है। समाज में हर महिला को सम्मान और हर बेटी को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब परिवार और समाज मिलकर महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए काम करेंगे, तभी एक बेहतर और मजबूत समाज का निर्माण संभव होगा।
रक्षाबंधन के इस आयोजन ने जहां भाई-बहन के पारंपरिक प्रेम को सामने रखा, वहीं महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों को लेकर सामाजिक संदेश भी दिया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि त्योहार केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं होते, बल्कि वे समाज को सकारात्मक दिशा देने और रिश्तों की अहमियत समझने का माध्यम भी हैं।
जमशेदपुर में आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भाई-बहन के रिश्ते की भावनात्मक गरिमा दिखाई दी। राखी बांधने, आशीर्वाद लेने और उपहार देने के साथ एक-दूसरे के प्रति प्रेम एवं जिम्मेदारी का संकल्प दोहराया गया।
कुल मिलाकर, रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम भाई-बहन के पवित्र रिश्ते के साथ-साथ महिला सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देने वाला रहा। कार्यक्रम में पारिवारिक स्नेह के साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी प्रमुख रूप से सामने आई।














