Jamshedpur News : बिष्टुपुर के गोपाल मैदान के पास वाहन जांच के दौरान युवक से कथित तौर पर पैसे लेने का आरोप, एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब ने एएसआई समेत तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से किया निलंबित, विभागीय जांच के आदेश जारी।
Jamshedpur News: जमशेदपुर के बिष्टुपुर में वाहन जांच के दौरान रिश्वत लेने के आरोप में एएसआई समेत तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड कर दिए गए। एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब ने विभागीय जांच के आदेश जारी किए हैं। पढ़ें पूरी खबर।
जमशेदपुर में वाहन जांच अभियान के दौरान कथित रूप से रिश्वत लेने के आरोप में पूर्वी सिंहभूम पुलिस ने बड़ी और सख्त कार्रवाई करते हुए तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई पुलिस विभाग की कार्यशैली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मामले की जानकारी सामने आने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. एहतेशाम वकारिब ने बिना देर किए पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तलब की और प्रारंभिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई कर दी।
निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में एएसआई ललन सिंह के साथ आरक्षी प्रकाश कुमार और पंकज कुमार शामिल हैं। तीनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
गोपाल मैदान के पास चल रहा था वाहन जांच अभियान
जानकारी के अनुसार गुरुवार की सुबह जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित गोपाल मैदान के समीप ट्रैफिक पुलिस की ओर से नियमित वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा था। इस दौरान पुलिस टीम वाहनों के दस्तावेज, हेलमेट और यातायात नियमों के पालन की जांच कर रही थी।
इसी दौरान बिना हेलमेट बाइक चला रहे एक युवक को पुलिस ने रोका। आरोप है कि निर्धारित नियमों के तहत चालान काटने की प्रक्रिया अपनाने के बजाय मौके पर ही युवक से पैसे ले लिए गए। घटना की सूचना उच्च अधिकारियों तक पहुंचने के बाद पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया।
एसएसपी ने तुरंत मांगी रिपोर्ट
घटना की जानकारी मिलते ही एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब ने ट्रैफिक डीएसपी नीरज से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी। प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर एसएसपी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया।

पुलिस मुख्यालय के अनुसार, यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि विभाग भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के मामलों में “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाने पर लगातार जोर दे रहा है। किसी भी पुलिसकर्मी द्वारा अपने पद का दुरुपयोग या अवैध वसूली करना विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाता है और जनता का विश्वास कमजोर करता है।
विभागीय जांच के आदेश
निलंबन के साथ-साथ पूरे मामले की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई, क्या वास्तव में रिश्वत ली गई थी और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ नियमों के अनुसार आगे की कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जांच अधिकारी सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज करेंगे और उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच करेंगे। इसके बाद विस्तृत रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी जाएगी।
भ्रष्टाचार के प्रति सख्त रुख
पूर्वी सिंहभूम पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि ड्यूटी के दौरान भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी या किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस विभाग का कहना है कि जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और यदि कोई पुलिसकर्मी अपने अधिकारों का दुरुपयोग करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई से पुलिस व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ती है और ईमानदारी से काम करने वाले पुलिसकर्मियों का मनोबल भी मजबूत होता है।
जनता का विश्वास बनाए रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी
पुलिस और जनता के बीच विश्वास कानून व्यवस्था की सबसे मजबूत कड़ी होती है। जब सड़क पर वाहन जांच अभियान चलाया जाता है तो उसका उद्देश्य यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना और दुर्घटनाओं को रोकना होता है। यदि इस प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के आरोप सामने आते हैं तो इससे पूरे विभाग की छवि प्रभावित होती है।
इसी कारण पुलिस प्रशासन ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई करने पर जोर दे रहा है ताकि आम नागरिकों का विश्वास बना रहे और कानून का पालन पूरी पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित किया जा सके।
यातायात नियमों का पालन भी जरूरी
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से भी अपील की है कि वाहन चलाते समय हेलमेट पहनें, सभी आवश्यक दस्तावेज साथ रखें और यातायात नियमों का पालन करें। यदि किसी अधिकारी द्वारा नियमों के विपरीत धन की मांग की जाती है तो उसकी शिकायत संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों से करें, ताकि दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके।
फिलहाल तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है और विभागीय जांच जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह तय होगा कि आरोप कितने सही हैं और संबंधित पुलिसकर्मियों पर आगे कौन-सी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यदि आरोप पूरी तरह सिद्ध होते हैं तो सेवा नियमों के तहत उनके खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई संभव है।
इस कार्रवाई ने साफ संकेत दिया है कि पूर्वी सिंहभूम पुलिस भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतेगी और कानून का उल्लंघन करने वालों पर, चाहे वे विभाग के भीतर ही क्यों न हों, सख्त कदम उठाए जाएंगे।













