Jharkhand Weather Update 2026 : झारखंड में बदल रहा मानसून का मिजाज, अब कुछ घंटों की तेज बारिश से हो रहा जलजमाव। मौसम विभाग ने 19 और 20 जुलाई के लिए कई जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी करते हुए येलो अलर्ट जारी किया है।
Jharkhand Weather Update 2026: झारखंड में 19-20 जुलाई को धनबाद, गिरिडीह, देवघर समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी। रांची में दो घंटे में 50 मिमी बारिश से जलजमाव, जानिए मौसम विभाग का ताजा पूर्वानुमान।
झारखंड में इस बार मानसून का स्वरूप पिछले वर्षों की तुलना में काफी अलग दिखाई दे रहा है। जहां पहले लगातार कई घंटों या पूरे दिन हल्की से मध्यम बारिश होती थी, वहीं अब बारिश का पैटर्न तेजी से बदल रहा है। पिछले एक सप्ताह के आंकड़े बताते हैं कि राज्य में बारिश अब लंबे समय तक नहीं हो रही, बल्कि महज एक से दो घंटे के भीतर ही अत्यधिक मात्रा में पानी बरस रहा है। इस नए ट्रेंड ने मौसम वैज्ञानिकों के साथ-साथ प्रशासन की भी चिंता बढ़ा दी है।
मौसम विज्ञान केंद्र ने 19 और 20 जुलाई को झारखंड के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।
रांची में दो घंटे में 50 मिमी बारिश से शहर हुआ जलमग्न
शनिवार को राजधानी रांची में लगभग दो घंटे के भीतर 50 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। तेज बारिश के कारण शहर के कई प्रमुख इलाके जलमग्न हो गए। कोकर, मेन रोड, अपर बाजार, बरियातू, मोरहाबादी, रातू रोड, कांके और आसपास के क्षेत्रों में सड़कें पानी से भर गईं।
जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण थोड़ी ही देर की बारिश में शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई। कई इलाकों में वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं और लोगों को घंटों जाम का सामना करना पड़ा। निचले इलाकों में घरों और दुकानों में भी पानी घुसने की शिकायतें सामने आईं।

बारिश का नया ट्रेंड बना चिंता का विषय
मौसम विभाग के अनुसार झारखंड में अब “शॉर्ट-स्पेल हेवी रेनफॉल” का ट्रेंड देखने को मिल रहा है। इसका मतलब है कि कम समय में अत्यधिक बारिश हो रही है।
पिछले एक सप्ताह के आंकड़े इस बदलाव की पुष्टि करते हैं—
- 17 जुलाई को रामगढ़ में एक घंटे में 60.5 मिमी बारिश दर्ज हुई।
- 18 जुलाई को रांची में दो घंटे में 50 मिमी बारिश हुई।
- 16 जुलाई को सिमडेगा में एक घंटे में 41.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
- मेदिनीनगर और चाईबासा में भी कम समय में भारी वर्षा दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की तेज बारिश शहरी क्षेत्रों में जलभराव, सड़क क्षति और यातायात बाधित होने जैसी समस्याओं को बढ़ा सकती है।
मौसम वैज्ञानिक ने बताया बारिश का कारण
मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) से उत्पन्न साइक्लोनिक सर्कुलेशन का प्रभाव फिलहाल ओडिशा और छत्तीसगढ़ क्षेत्र पर अधिक है। इसी सिस्टम का असर झारखंड में भी देखने को मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि जब यह लो-प्रेशर सिस्टम झारखंड के मध्य भाग से होकर गुजरेगा, तब राज्य में लगातार एक से दो दिनों तक व्यापक बारिश होने की संभावना बनेगी। फिलहाल राज्य में रुक-रुककर तेज बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं।
19 जुलाई को इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र ने 19 जुलाई के लिए कई जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है।
भारी बारिश की संभावना वाले जिले:
- धनबाद
- गिरिडीह
- देवघर
- दुमका
- जामताड़ा
- पाकुड़
- सरायकेला-खरसावां
- पूर्वी सिंहभूम
- पश्चिमी सिंहभूम
वहीं राजधानी रांची में दिनभर बादल छाए रहने और मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना जताई गई है।
20 जुलाई को इन जिलों के लिए येलो अलर्ट
20 जुलाई को भी मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।
इन जिलों में भारी वर्षा की संभावना है—
- कोडरमा
- गिरिडीह
- धनबाद
- जामताड़ा
- देवघर
- दुमका
- पाकुड़
- गोड्डा
- साहिबगंज
रांची में भी बादल छाए रहने के साथ मध्यम बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है।
झारखंड में अब भी सामान्य से 38 प्रतिशत कम बारिश
भले ही कुछ घंटों में तेज बारिश हो रही हो, लेकिन पूरे मानसून सीजन के आंकड़े बताते हैं कि झारखंड अब भी सामान्य वर्षा से काफी पीछे है।
1 जून से 18 जुलाई 2026 तक—
- सामान्य वर्षापात: 371.2 मिमी
- वास्तविक वर्षापात: 231.1 मिमी
- कमी: 38 प्रतिशत
वहीं राजधानी रांची में भी सामान्य से लगभग 20 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
- सामान्य वर्षापात: 383.9 मिमी
- अब तक दर्ज वर्षापात: 306.4 मिमी
इससे स्पष्ट है कि कुल वर्षा कम होने के बावजूद कम समय में होने वाली तेज बारिश नई चुनौती बनकर सामने आ रही है।
एक सप्ताह के आंकड़े बता रहे बदलता मौसम
पिछले सात दिनों में रिकॉर्ड की गई तेज बारिश इस नए ट्रेंड को स्पष्ट करती है—
12 जुलाई
- रामगढ़ – 1 घंटे में 23 मिमी
13 जुलाई
- रामगढ़ – 1 घंटे में 8 मिमी
14 जुलाई
- बहरागोड़ा – 1 घंटे में 22 मिमी
15 जुलाई
- रांची – 1 घंटे में 13.6 मिमी
- मेदिनीनगर – 1 घंटे में 21 मिमी
- सिमडेगा – 1 घंटे में 34 मिमी
16 जुलाई
- मेदिनीनगर – 1 घंटे में 20.8 मिमी
- सिमडेगा – 1 घंटे में 41.5 मिमी
17 जुलाई
- रामगढ़ – 1 घंटे में 60.5 मिमी
- रांची – 1 घंटे में 17 मिमी
- चाईबासा – 1 घंटे में 20 मिमी
- बोकारो – 1 घंटे में 10 मिमी
18 जुलाई
- रांची – 2 घंटे में 50 मिमी
- चाईबासा – 1 घंटे में 27 मिमी
प्रशासन और नागरिकों के लिए चुनौती
विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण अत्यधिक वर्षा की घटनाएं कम समय में अधिक तीव्र होती जा रही हैं। ऐसे में नगर निकायों को जल निकासी व्यवस्था मजबूत करने की आवश्यकता है। साथ ही लोगों को भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों में जाने से बचना चाहिए और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना चाहिए।
आने वाले दो दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड में है। नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।


















