Jamshedpur News : जयालक्ष्मी नाट्य कला मंदिरम ने भालूबासा सेंटर में आयोजित किया श्रद्धांजलि समारोह, कला, साहित्य और पत्रकारिता में स्व. केदार महतो के योगदान को किया गया याद
Jamshedpur News : जमशेदपुर के भालूबासा सेंटर में जयालक्ष्मी नाट्य कला मंदिरम द्वारा समाजसेवी, रंगकर्मी और वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय केदार महतो की 18वीं पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम में संस्था के सदस्यों, कलाकारों और शुभचिंतकों ने उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर उनके पत्रकारिता, रंगमंच और सामाजिक योगदान को याद किया।

Jamshedpur News : झारखंड की पत्रकारिता और सांस्कृतिक जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले समाजसेवी, रंगकर्मी और वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय केदार महतो की 18वीं पुण्यतिथि पर जयालक्ष्मी नाट्य कला मंदिरम की ओर से भालूबासा सेंटर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संस्था के ट्रस्टी, कलाकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों ने उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को स्मरण किया।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय केदार महतो के चित्र पर माल्यार्पण एवं दो मिनट का मौन रखकर की गई। उपस्थित लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान माहौल भावुक हो गया और कई लोगों ने उनसे जुड़ी यादों को साझा करते हुए कहा कि केदार महतो केवल एक पत्रकार नहीं थे, बल्कि समाज को सही दिशा दिखाने वाले निर्भीक विचारक और कला-संस्कृति के सच्चे संरक्षक थे।
पत्रकारिता में निष्पक्षता और बेबाक लेखनी के लिए थे प्रसिद्ध
स्वर्गीय केदार महतो ने झारखंड के चर्चित समाचार पत्र “चमकता आईना” के माध्यम से आजीवन पत्रकारिता की। उनकी लेखनी अपनी निष्पक्षता, निर्भीकता और सामाजिक सरोकारों के लिए जानी जाती थी। वे हमेशा समाजहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते थे और कला, संस्कृति तथा सामाजिक मूल्यों के संरक्षण के लिए लगातार आवाज बुलंद करते रहे।
कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है। ऐसे दौर में स्व. केदार महतो के विचार और कार्य नई पीढ़ी के पत्रकारों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

ए. बाबू राव ने साझा किया 1996 का संस्मरण
जयालक्ष्मी नाट्य कला मंदिरम के ट्रस्टी एवं वरिष्ठ रंगकर्मी ए. बाबू राव ने स्वर्गीय केदार महतो को याद करते हुए कहा कि वे संस्था के सच्चे संरक्षक थे। उन्होंने बताया कि वर्ष 1996 में जब संस्था ने पहली बार अंतर विद्यालय नाट्य एवं नृत्य प्रतियोगिता आयोजित की थी, तब केदार महतो ने अपने समाचार पत्र में बेहद स्पष्ट शब्दों में लिखा था कि संस्था के नाम में भारतीय संस्कृति की बात है, लेकिन प्रतियोगिता में छोटे बच्चों को पाश्चात्य परिधान पहनाकर किस प्रकार का संदेश दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि केदार महतो की यह बेबाक टिप्पणी उन्हें भीतर तक प्रभावित कर गई। उसी का परिणाम है कि अगले वर्ष से लेकर आज तक संस्था ने प्रतियोगिता से पाश्चात्य नृत्य को अलग रखा और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को प्राथमिकता देते हुए कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
ए. बाबू राव ने कहा कि स्वर्गीय केदार महतो का मार्गदर्शन संस्था के लिए हमेशा अमूल्य रहेगा और उनके विचार आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करते रहेंगे।
बलराम पारवे ने कहा— सच्ची श्रद्धांजलि उनके आदर्शों पर चलना
कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले ट्रस्टी एवं रंगकर्मी बलराम पारवे ने कहा कि स्वर्गीय केदार महतो जैसे महान व्यक्तित्व को केवल शब्दों से नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को जीवन में अपनाकर ही सच्ची श्रद्धांजलि दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि समाज, पत्रकारिता और कला के प्रति उनका समर्पण अतुलनीय था।
उन्होंने उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए सभी को स्वर्गीय केदार महतो के विचारों और सिद्धांतों का अनुसरण करना चाहिए।
कला और साहित्य से जुड़ी विरासत आज भी संस्था के पास सुरक्षित
योग प्रशिक्षक निरंजन कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि स्वर्गीय केदार महतो का संस्था के विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने बताया कि संस्था के पास आज भी कला और साहित्य से जुड़ी अनेक दुर्लभ समाचार कतरनें और दस्तावेज सुरक्षित हैं, जिनमें विभिन्न सांस्कृतिक संस्थाओं का उल्लेख मौजूद है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई शोधार्थी, कलाकार या संस्था इन अभिलेखों का अध्ययन करना चाहती है, तो जयालक्ष्मी नाट्य कला मंदिरम से संपर्क कर सकती है। संस्था ने इसके लिए संपर्क नंबर 9939116319 भी उपलब्ध कराया है।
कलाकारों ने पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमन
श्रद्धांजलि सभा में शहर के कई कलाकारों और संस्था से जुड़े सदस्यों ने उपस्थित होकर स्वर्गीय केदार महतो को पुष्प अर्पित किए। कार्यक्रम में पवन कुमार, बलराम, निरंजन कुमार, राजेश कुमार, घोष दा, नेहा दत्ता, दिशा कुमारी और रौशनी कुमारी सहित अन्य कलाकारों ने क्रमवार श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके योगदान को याद किया।
सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि स्वर्गीय केदार महतो ने पत्रकारिता, समाजसेवा और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से जो विरासत छोड़ी है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।
प्रेस प्रतिनिधियों का जताया आभार
कार्यक्रम के समापन पर जयालक्ष्मी नाट्य कला मंदिरम की ओर से शहर के सभी पत्रकारों और प्रेस प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया गया। संस्था ने कहा कि मीडिया समाज और संस्कृति को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है तथा स्वर्गीय केदार महतो ने अपने जीवनकाल में इस जिम्मेदारी का पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन किया।
संस्था के पदाधिकारियों ने संकल्प लिया कि भविष्य में भी कला, साहित्य और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, जिससे स्वर्गीय केदार महतो के सपनों को आगे बढ़ाया जा सके।













